शुक्ल पक्ष सप्तमी • ३८% प्रकाशशुक्ल पक्ष (बालचन्द्र)
दैनिक पंचांग

दैनिक पंचांग, १६ दिसंबर २०२६

७, मार्गशीर्षशुक्ल पक्ष, सप्तमी
२०८३ गुजराती संवत
१६
दिसंबर २०२६
बुधवार
∞योग:वज्र✦रवि योगसिद्ध योग

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

तिथि

समाप्ति समय १०:४६ अपराह्न
अगला: अष्टमी

नक्षत्र

समाप्ति समय ०२:०२ अपराह्न
अगला: पूर्वाभाद्रपद

योग

समाप्ति समय ०१:४५ अपराह्न
अगला: सिद्धि

करण

समाप्ति समय १०:०८ पूर्वाह्न
अगला: वणिज

वार

बुधवार
वार (बुध)
ग्रह स्वामी: बुध

२४ घंटे का दैनिक प्रवाह (सूर्योदय से सूर्योदय)

स्थानीय सौर दिवस
०६:४७ पूर्वाह्न (सूर्योदय)१२:०००५:३२ अपराह्न (सूर्यास्त)००:०००६:४८ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७ (अगला सूर्योदय)
तिथि
सप्तमी (समाप्ति समय १०:४६ अपराह्न)
अष्टमी
नक्षत्र
शतभिषा (समाप्ति समय ०२:०२ अपराह्न)
पूर्वाभाद्रपद
योग
वज्र (समाप्ति समय ०१:४५ अपराह्न)
सिद्धि
करण
गरज (१०:०८ पूर्वाह्न)
वणिज (समाप्ति समय १०:४६ अपराह्न)
विष्टि (भद्रा)

सूर्य एवं चन्द्र

सूर्य

सूर्योदय
०६:४७ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
०५:३२ अपराह्न
सूर्य राशि: वृश्चिकदिनमान: १० घंटे ४४ मिनटमध्याह्न (सौर दोपहर): १२:१० अपराह्न

चन्द्र

चंद्रोदय
११:३७ पूर्वाह्न
चंद्रास्त
११:४५ अपराह्न
चंद्र राशि: कुंभरात्रिमान: १३ घंटे १६ मिनट

विस्तृत पंचांग

शुक्ल पक्ष
तिथि
सप्तमीसमाप्ति समय १०:४६ अपराह्न• अगला: अष्टमी
वज्रसमाप्ति समय ०१:४५ अपराह्न• अगला: सिद्धि
वार
बुधवार
मास (अमान्त)
मार्गशीर्ष
शतभिषासमाप्ति समय ०२:०२ अपराह्न• अगला: पूर्वाभाद्रपद
करण
गरज(१०:०८ पूर्वाह्न)वणिज(१०:४६ अपराह्न)विष्टि (भद्रा)(सम्पूर्ण रात्रि)
पक्ष
शुक्ल पक्ष(शुक्ल पक्ष)
मास (पूर्णिमान्त)
मार्गशीर्ष

राशि एवं नक्षत्र विवरण

सूर्य नक्षत्र: ज्येष्ठा (पद ४)
चंद्र राशि
कुंभ(सम्पूर्ण रात्रि तक)→ मीन (सम्पूर्ण रात्रि से)
सूर्य राशि
वृश्चिक• निरयण प्रणाली
सूर्य नक्षत्र
नक्षत्र पद
शतभिषा (पद ३)०७:३३ पूर्वाह्नशतभिषा (पद ४)०२:०२ अपराह्नपूर्वाभाद्रपद (पद १)०८:२८ अपराह्नपूर्वाभाद्रपद (पद २)०२:५२ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७पूर्वाभाद्रपद (पद ३)जारी
सूर्य भोगांश: २३९.८५°चन्द्र भोगांश: ३१६.२८°

चन्द्रमास, संवत् एवं बृहस्पति संवत्सर

वि.सं. २०८३ · शक १९४८
विक्रम संवत्
शक संवत्
१९४८पराभव
गुजराती संवत्
प्रविष्टे / गते
१(सौर मास दिवस)
बृहस्पति संवत्
रौद्रतक ०३:४२ pm, मंगलवार, २१ अप्रैल २०२६
आगामी संवत्
दुर्मति(परवर्ती बृहस्पति वर्ष)
चन्द्रमास
मार्गशीर्ष(पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष(अमान्त)
संवत्सर चक्र
बार्हस्पत्य ६०-वर्षीय चक्र(उत्तर/दक्षिण परम्परा)

शुभ मुहूर्त

१६ मुहूर्त१० सक्रिय
प्रमुख सौर मुहूर्त (८)७ सक्रिय
  • ब्रह्म मुहूर्त
    ०५:०२ पूर्वाह्न – ०५:५५ पूर्वाह्न
  • प्रातः संध्या
    ०५:२८ पूर्वाह्न – ०६:४८ पूर्वाह्न
  • कोई नहीं
  • विजय मुहूर्त
    ०१:५८ अपराह्न – ०२:४१ अपराह्न
  • गोधूलि मुहूर्त
    ०५:३२ अपराह्न – ०५:५९ अपराह्न
  • सायं संध्या
    ०५:३२ अपराह्न – ०६:५२ अपराह्न
  • अमृत काल
    ०८:४८ पूर्वाह्न – १०:३२ पूर्वाह्न
  • निशीथ मुहूर्त
    ११:४४ अपराह्न – १२:३७ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
शुभ योग (८)३ सक्रिय
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शुभ समय मार्गदर्शिका: नए कार्य आरंभ करने, यात्रा और शुभ अनुष्ठानों के लिए ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित और अमृत काल परंपरागत रूप से चुने जाते हैं।

अशुभ काल

१९ काल१० सक्रिय
प्रतिकूल काल एवं दोष (१०)९ सक्रिय
  • १२:१० अपराह्न – ०१:३१ अपराह्न
  • यमगंड
    ०८:०८ पूर्वाह्न – ०९:२९ पूर्वाह्न
  • गुलिक काल
    १०:५० पूर्वाह्न – १२:१० अपराह्न
  • दुर्मुहूर्त
    ११:४९ पूर्वाह्न – १२:३२ अपराह्न
  • वर्ज्यम्
    ०८:४९ अपराह्न – १०:३१ अपराह्न
  • बाण दोष
    चोर
  • भद्रा (विष्टि)
    १०:४६ अपराह्न – ०६:४८ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
  • विंचुडो
    कोई नहीं
  • पंचक
    पूरा दिन
  • १०:२० पूर्वाह्न – ०२:०२ अपराह्न
अशुभ योग (९)१ सक्रिय
💡

परम्परागत निर्देश: राहुकाल व यमघण्ट में शुभ कार्य, नवीन निवेश एवं यात्रा वर्जित मानी जाती है।

ऋतु एवं अयन

Hemant
दृक अयन
दक्षिणायन
दृक ऋतु
Hemant
नेत्रम्
१ (एक नेत्र - मध्यम फल)
वैदिक अयन
दक्षिणायन
वैदिक ऋतु
Hemant
जीव
०.५ (अर्ध जीव - मध्यम फल)

निवास, शूल एवं वास

पंचक रहित: अशुभ
चन्द्र निवास
पश्चिम(सम्पूर्ण रात्रि तक)→उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी (अत्यंत शुभ)(समाप्ति समय १०:४६ अपराह्न)→आकाश (अशुभ)
दिशा शूल
उत्तर(गुड़ खाकर यात्रा करें)
शिववास
भोजन (भोजन करते हुए)(समाप्ति समय १०:४६ अपराह्न)→श्मशान
राहु वास
दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)
होमाहुति
शुक्र
कुम्भ चक्र
पश्चिम
पंचक रहित
अशुभ

मन्त्री मण्डल (ग्रह परिषद)

राजा
गुरू
मन्त्री
मंगल
सेनापति
चन्द्र
सस्याधिपति (ग्रीष्म धान्य)
गुरू
धान्याधिपति (शीत धान्य)
बुध
धनाधिपति (वित्त एवं खजाना)
गुरू
मेघाधिपति (वर्षा एवं बादल)
चन्द्र
रसाधिपति (रस एवं तरल पदार्थ)
शनि
नीरसाधिपति (धातु एवं रत्न)
गुरू
फलाधिपति
चन्द्र

चंद्रबलम्

६ शुभ / अनुकूल१ अष्टम चन्द्र (सावधानी आवश्यक)
शुभ / अनुकूल
शुभ / अनुकूल
प्रतिकूल
अष्टम चन्द्र (सावधानी आवश्यक)
शुभ / अनुकूल
शुभ / अनुकूल
प्रतिकूल
प्रतिकूल
शुभ / अनुकूल
प्रतिकूल
शुभ / अनुकूल
प्रतिकूल

ताराबलम्

१५ शुभ / अनुकूल१२ प्रतिकूल
साधना (सिद्धि)शुभ / अनुकूल
प्रत्यक् (बाधा)प्रतिकूल
क्षेम (कल्याण)शुभ / अनुकूल
विपत् (विपत्ति)प्रतिकूल
सम्पत् (धन-वैभव)शुभ / अनुकूल
जन्मप्रतिकूल
परम मित्र (अति शुभ)शुभ / अनुकूल
मित्र (हितैषी)शुभ / अनुकूल
निधन (हानि)प्रतिकूल
साधना (सिद्धि)शुभ / अनुकूल

पंचक रहित मुहूर्त चक्र

४ शुभ१० अशुभ
०६:४७ पूर्वाह्न – ०६:५१ पूर्वाह्न
रोग पंचक (स्वास्थ्य कष्ट)
०६:५१ पूर्वाह्न – ०८:५६ पूर्वाह्न
रोग पंचक (स्वास्थ्य कष्ट)
०८:५६ पूर्वाह्न – १०:४३ पूर्वाह्न
शुभ पंचक
१०:४३ पूर्वाह्न – १२:१७ अपराह्न
मृत्यु पंचक (अत्यंत अशुभ)
१२:१७ अपराह्न – ०१:४८ अपराह्न
अग्नि पंचक (अग्नि भय)
०१:४८ अपराह्न – ०३:२८ अपराह्न
मृत्यु पंचक (अत्यंत अशुभ)
०३:२८ अपराह्न – ०५:२७ अपराह्न
अग्नि पंचक (अग्नि भय)
०५:२७ अपराह्न – ०७:४० अपराह्न
शुभ पंचक
०७:४० अपराह्न – ०९:५६ अपराह्न
राज पंचक (राज्य लाभ)
०९:५६ अपराह्न – १२:०७ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
चोर पंचक (हानि भय)
१२:०७ पूर्वाह्न – ०२:१७ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
रोग पंचक (स्वास्थ्य कष्ट)
०२:१७ पूर्वाह्न – ०४:३१ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
शुभ पंचक
०४:३१ पूर्वाह्न – ०६:४७ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
अग्नि पंचक (अग्नि भय)
०६:४७ पूर्वाह्न – ०६:४८ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
अग्नि पंचक (अग्नि भय)

उदय लग्न समय

12 राशियां
०६:४७ पूर्वाह्न – ०६:५१ पूर्वाह्न
०६:५१ पूर्वाह्न – ०८:५६ पूर्वाह्न
०८:५६ पूर्वाह्न – १०:४३ पूर्वाह्न
१०:४३ पूर्वाह्न – १२:१७ अपराह्न
१२:१७ अपराह्न – ०१:४८ अपराह्न
०१:४८ अपराह्न – ०३:२८ अपराह्न
०३:२८ अपराह्न – ०५:२७ अपराह्न
०५:२७ अपराह्न – ०७:४० अपराह्न
०७:४० अपराह्न – ०९:५६ अपराह्न
०९:५६ अपराह्न – १२:०७ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
१२:०७ पूर्वाह्न – ०२:१७ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
०२:१७ पूर्वाह्न – ०४:३१ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
०४:३१ पूर्वाह्न – ०६:४७ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७
०६:४७ पूर्वाह्न – ०६:४८ पूर्वाह्न, दिसम्बर १७

अन्य कैलेंडर एवं युग गणना

3 क्षेत्र • 9 मान
वैदिक कालक्रम
कलियुग वर्ष
५१२७
कलि अहर्गण
१८७२९२५
लाहिरी अयनांश
२४.२३२७९६°
खगोलीय गणना
जूलियन दिन
२४६१३९०
संशोधित जूलियन दिन
६१३९०
राता डाई (RD)
७३९९६६
राष्ट्रीय एवं जूलियन तिथियाँ
राष्ट्रीय दिनांक
२५ मार्गशीर्ष, १९४८
निरयण दिनांक
१० भाद्रपद, १९४८
जूलियन दिनांक
३ दिसंबर, २०२६ ई.

पर्व, व्रत एवं अनुष्ठान

नित्य पूजा एवं दैनिक धार्मिक नियम

प्रातः संध्यावंदन, सूर्य अर्घ्य एवं कुलदेवता की नित्य अर्चना करें। आज की तिथि के अनुसार दान एवं सत्कर्म फलदायी हैं।

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग एवं दैनिक पञ्चाङ्ग

5 अंग
पञ्चाङ्ग वैदिक काल-गणना की प्राचीन प्रणाली है, जो सूर्य एवं चन्द्रमा की गति पर आधारित सूक्ष्म खगोलीय सिद्धांतों को प्रस्तुत करती है। 'दैनिक' का अर्थ प्रतिदिन का पञ्चाङ्ग है।

तिथि

1

सूर्य और चन्द्रमा के बीच १२° के कोणीय अंतर को तिथि कहते हैं। यह व्रत, पर्व और धार्मिक अनुष्ठानों के निर्धारण का मुख्य आधार है।

नक्षत्र

2

चन्द्रमा जिस २७ नक्षत्र मंडलों (१३° २०' प्रत्येक) में भ्रमण करता है, वह नक्षत्र कहलाता है। यह मानसिक प्रकृति और दैनिक ऊर्जा को प्रभावित करता है।

योग

3

सूर्य और चन्द्रमा के भोगांशों का योग २७ भागों में विभाजित होता है, जिसे योग कहते हैं। यह दिन के वातावरण और अंतःकरण की शुद्धि का सूचक है।

करण

4

एक तिथि के आधे भाग (६°) को करण कहते हैं। यह विशिष्ट कार्यों और मुहूर्तों के सूक्ष्म चयन हेतु उपयोगी है।

वार

5

सात ग्रहों के आधिपत्य वाला वार (दिन), जो स्थानीय सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के २४ घंटों के चक्र को नियंत्रित करता है।