शुभ (मंगलकारी)•मुहूर्त · सायंकाल · सूर्यास्त से रात्रि के पहले १.५ मुहूर्त

सायं संध्या

संध्यावंदन, गायत्री जप, ध्यान और आत्मशांति के लिए सूर्यास्त काल का पावन समय।

अगली बार५:४५ अपराह्न, २० अक्टू॰
आरंभ५:४५ अपराह्न
समाप्ति६:५९ अपराह्न
सूर्योदय६:१२ पूर्वाह्न
सूर्यास्त५:४५ अपराह्न
रात्रिमान१२ घं २८ मि
अवधि१ घं १५ मि

अक्टूबर २०२६ का कार्यक्रम

स्थान: भारत

१गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०२ अपराह्न, १ अक्टू॰

समाप्ति: ७:१४ अपराह्न, १ अक्टू॰

अवधि: १ घं १२ मि · सूर्यास्त: ६:०२ अपराह्न

२शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०१ अपराह्न, २ अक्टू॰

समाप्ति: ७:१३ अपराह्न, २ अक्टू॰

अवधि: १ घं १३ मि · सूर्यास्त: ६:०१ अपराह्न

३शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०० अपराह्न, ३ अक्टू॰

समाप्ति: ७:१२ अपराह्न, ३ अक्टू॰

अवधि: १ घं १३ मि · सूर्यास्त: ६:०० अपराह्न

४रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५९ अपराह्न, ४ अक्टू॰

समाप्ति: ७:११ अपराह्न, ४ अक्टू॰

अवधि: १ घं १३ मि · सूर्यास्त: ५:५९ अपराह्न

५सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५८ अपराह्न, ५ अक्टू॰

समाप्ति: ७:१० अपराह्न, ५ अक्टू॰

अवधि: १ घं १३ मि · सूर्यास्त: ५:५८ अपराह्न

६मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५७ अपराह्न, ६ अक्टू॰

समाप्ति: ७:१० अपराह्न, ६ अक्टू॰

अवधि: १ घं १३ मि · सूर्यास्त: ५:५७ अपराह्न

७बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५६ अपराह्न, ७ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०९ अपराह्न, ७ अक्टू॰

अवधि: १ घं १३ मि · सूर्यास्त: ५:५६ अपराह्न

८गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५५ अपराह्न, ८ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०८ अपराह्न, ८ अक्टू॰

अवधि: १ घं १३ मि · सूर्यास्त: ५:५५ अपराह्न

९शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५४ अपराह्न, ९ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०७ अपराह्न, ९ अक्टू॰

अवधि: १ घं १३ मि · सूर्यास्त: ५:५४ अपराह्न

१०शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५४ अपराह्न, १० अक्टू॰

समाप्ति: ७:०७ अपराह्न, १० अक्टू॰

अवधि: १ घं १४ मि · सूर्यास्त: ५:५४ अपराह्न

११रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५३ अपराह्न, ११ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०६ अपराह्न, ११ अक्टू॰

अवधि: १ घं १४ मि · सूर्यास्त: ५:५३ अपराह्न

१२सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५२ अपराह्न, १२ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०५ अपराह्न, १२ अक्टू॰

अवधि: १ घं १४ मि · सूर्यास्त: ५:५२ अपराह्न

१३मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५१ अपराह्न, १३ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०४ अपराह्न, १३ अक्टू॰

अवधि: १ घं १४ मि · सूर्यास्त: ५:५१ अपराह्न

१४बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५० अपराह्न, १४ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०४ अपराह्न, १४ अक्टू॰

अवधि: १ घं १४ मि · सूर्यास्त: ५:५० अपराह्न

१५गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४९ अपराह्न, १५ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०३ अपराह्न, १५ अक्टू॰

अवधि: १ घं १४ मि · सूर्यास्त: ५:४९ अपराह्न

१६शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४८ अपराह्न, १६ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०२ अपराह्न, १६ अक्टू॰

अवधि: १ घं १४ मि · सूर्यास्त: ५:४८ अपराह्न

१७शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४७ अपराह्न, १७ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०१ अपराह्न, १७ अक्टू॰

अवधि: १ घं १४ मि · सूर्यास्त: ५:४७ अपराह्न

१८रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४७ अपराह्न, १८ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०१ अपराह्न, १८ अक्टू॰

अवधि: १ घं १५ मि · सूर्यास्त: ५:४७ अपराह्न

१९सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४६ अपराह्न, १९ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०० अपराह्न, १९ अक्टू॰

अवधि: १ घं १५ मि · सूर्यास्त: ५:४६ अपराह्न

२०मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४५ अपराह्न, २० अक्टू॰

समाप्ति: ६:५९ अपराह्न, २० अक्टू॰

अवधि: १ घं १५ मि · सूर्यास्त: ५:४५ अपराह्न

२१बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४४ अपराह्न, २१ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५८ अपराह्न, २१ अक्टू॰

अवधि: १ घं १५ मि · सूर्यास्त: ५:४४ अपराह्न

२२गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४३ अपराह्न, २२ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५८ अपराह्न, २२ अक्टू॰

अवधि: १ घं १५ मि · सूर्यास्त: ५:४३ अपराह्न

२३शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४३ अपराह्न, २३ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५८ अपराह्न, २३ अक्टू॰

अवधि: १ घं १५ मि · सूर्यास्त: ५:४३ अपराह्न

२४शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४२ अपराह्न, २४ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५७ अपराह्न, २४ अक्टू॰

अवधि: १ घं १५ मि · सूर्यास्त: ५:४२ अपराह्न

२५रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४१ अपराह्न, २५ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५६ अपराह्न, २५ अक्टू॰

अवधि: १ घं १५ मि · सूर्यास्त: ५:४१ अपराह्न

२६सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४१ अपराह्न, २६ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५६ अपराह्न, २६ अक्टू॰

अवधि: १ घं १६ मि · सूर्यास्त: ५:४१ अपराह्न

२७मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४० अपराह्न, २७ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५५ अपराह्न, २७ अक्टू॰

अवधि: १ घं १६ मि · सूर्यास्त: ५:४० अपराह्न

२८बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:३९ अपराह्न, २८ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५४ अपराह्न, २८ अक्टू॰

अवधि: १ घं १६ मि · सूर्यास्त: ५:३९ अपराह्न

२९गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:३९ अपराह्न, २९ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५४ अपराह्न, २९ अक्टू॰

अवधि: १ घं १६ मि · सूर्यास्त: ५:३९ अपराह्न

३०शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:३८ अपराह्न, ३० अक्टू॰

समाप्ति: ६:५४ अपराह्न, ३० अक्टू॰

अवधि: १ घं १६ मि · सूर्यास्त: ५:३८ अपराह्न

३१शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:३७ अपराह्न, ३१ अक्टू॰

समाप्ति: ६:५३ अपराह्न, ३१ अक्टू॰

अवधि: १ घं १६ मि · सूर्यास्त: ५:३७ अपराह्न

सायं संध्या के बारे में

सायं संध्या दिन के अवसान और रात्रि के आगमन का पावन संधिकाल है। वेदों में विहित त्रिसंध्या (प्रातः, मध्याह्न और सायं) में सायं संध्या का विशेष महत्व है, जो मन को बाह्य प्रपंचों से मुक्त कर अंतर्मुखी बनाती है।

  • सायंकाल
  • सूर्यास्त से रात्रि के पहले १.५ मुहूर्त
  • लगभग ७२ मिनट (३ घटी)
  • सायं संध्यावंदन और ध्यान

यह समय सूर्यास्त से प्रारंभ होकर ३ घटी (लगभग ७२ मिनट) तक रहता है। यह काल सायं संध्यावंदन, गायत्री मंत्र जप, संध्या अर्घ्य और मौन ध्यान के लिए शास्त्रसम्मत माना गया है। दिनभर के मानसिक तनाव को शांत करने के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है।

पारंपरिक महत्व

सायाह्न संध्या दिन और रात्रि की संधि है और त्रिसंध्या की अंतिम संध्या है। परंपरा में पश्चिम की ओर मुख करके गायत्री मंत्र का जप और जल अर्पण करने का विधान है।

सायं संध्या की गणना स्थानीय सूर्यास्त और आगामी रात्रि मान के आधार पर की जाती है। इस शांत संधिकाल में ईश्वर चिंतन और उपासना करने से मानसिक शांति और सात्विक ऊर्जा प्राप्त होती है।

समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।