अक्टूबर २०२६
आरंभ: २:०३ अपराह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: २:५० अपराह्न, १ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न
सर्वकार्य सिद्धि, विजय और विघ्नों के नाश के लिए अत्यंत प्रभावशाली अपराह्न मुहूर्त।
स्थान: भारत
आरंभ: २:०३ अपराह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: २:५० अपराह्न, १ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न
आरंभ: २:०२ अपराह्न, २ अक्टू॰
समाप्ति: २:५० अपराह्न, २ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: २:०२ अपराह्न, ३ अक्टू॰
समाप्ति: २:४९ अपराह्न, ३ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: २:०१ अपराह्न, ४ अक्टू॰
समाप्ति: २:४८ अपराह्न, ४ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: २:०१ अपराह्न, ५ अक्टू॰
समाप्ति: २:४८ अपराह्न, ५ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: २:०० अपराह्न, ६ अक्टू॰
समाप्ति: २:४७ अपराह्न, ६ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५९ अपराह्न, ७ अक्टू॰
समाप्ति: २:४६ अपराह्न, ७ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५९ अपराह्न, ८ अक्टू॰
समाप्ति: २:४६ अपराह्न, ८ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५८ अपराह्न, ९ अक्टू॰
समाप्ति: २:४५ अपराह्न, ९ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५८ अपराह्न, १० अक्टू॰
समाप्ति: २:४५ अपराह्न, १० अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५८ अपराह्न, ११ अक्टू॰
समाप्ति: २:४५ अपराह्न, ११ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५७ अपराह्न, १२ अक्टू॰
समाप्ति: २:४४ अपराह्न, १२ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५७ अपराह्न, १३ अक्टू॰
समाप्ति: २:४३ अपराह्न, १३ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५६ अपराह्न, १४ अक्टू॰
समाप्ति: २:४३ अपराह्न, १४ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न
आरंभ: १:५६ अपराह्न, १५ अक्टू॰
समाप्ति: २:४२ अपराह्न, १५ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न
आरंभ: १:५५ अपराह्न, १६ अक्टू॰
समाप्ति: २:४२ अपराह्न, १६ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५५ अपराह्न, १७ अक्टू॰
समाप्ति: २:४१ अपराह्न, १७ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५५ अपराह्न, १८ अक्टू॰
समाप्ति: २:४१ अपराह्न, १८ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५४ अपराह्न, १९ अक्टू॰
समाप्ति: २:४० अपराह्न, १९ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५४ अपराह्न, २० अक्टू॰
समाप्ति: २:४० अपराह्न, २० अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५३ अपराह्न, २१ अक्टू॰
समाप्ति: २:३९ अपराह्न, २१ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५३ अपराह्न, २२ अक्टू॰
समाप्ति: २:३९ अपराह्न, २२ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५३ अपराह्न, २३ अक्टू॰
समाप्ति: २:३९ अपराह्न, २३ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५२ अपराह्न, २४ अक्टू॰
समाप्ति: २:३८ अपराह्न, २४ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५२ अपराह्न, २५ अक्टू॰
समाप्ति: २:३८ अपराह्न, २५ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५२ अपराह्न, २६ अक्टू॰
समाप्ति: २:३८ अपराह्न, २६ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५२ अपराह्न, २७ अक्टू॰
समाप्ति: २:३७ अपराह्न, २७ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५१ अपराह्न, २८ अक्टू॰
समाप्ति: २:३६ अपराह्न, २८ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५१ अपराह्न, २९ अक्टू॰
समाप्ति: २:३७ अपराह्न, २९ अक्टू॰
अवधि: ४५ मिनट · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५१ अपराह्न, ३० अक्टू॰
समाप्ति: २:३६ अपराह्न, ३० अक्टू॰
अवधि: ४५ मिनट · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न
आरंभ: १:५० अपराह्न, ३१ अक्टू॰
समाप्ति: २:३५ अपराह्न, ३१ अक्टू॰
अवधि: ४५ मिनट · सूर्योदय: ६:१८ पूर्वाह्न
विजय मुहूर्त वैदिक ज्योतिष में सबसे शुभ और प्रभावशाली मुहूर्तों में से एक माना गया है। दिन के समय (सूर्योदय से सूर्यास्त) को १५ समान मुहूर्तों में विभाजित करने पर ११वां मुहूर्त 'विजय मुहूर्त' कहलाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, विजय मुहूर्त में शुरू किए गए कार्यों में निश्चित सफलता प्राप्त होती है। यह समय मुकदमों, विवादों के समाधान, व्यापारिक समझौतों, यात्रा, नवीन प्रतिष्ठान के आरंभ और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने लंका विजय के लिए इसी मुहूर्त में प्रस्थान किया था।
'विजय' का अर्थ है जीत। राजा इसी समय अभियान पर निकलते थे, विशेषकर विजयादशमी को। सफल परिणाम की इच्छा से व्यापार आरंभ, अनुबंध, कानूनी कार्य और यात्रा के लिए इसे चुना जाता है।
विजय मुहूर्त का समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है। यह मुहूर्त अनेक प्रकार के ग्रह दोषों को शांत कर विजय प्रदान करने वाला माना जाता है।
समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।