अक्टूबर २०२६
आरंभ: ९:०४ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: १०:३४ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
अवधि: १ घं ३० मि · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न
गुलिक का दैनिक काल, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य का आरंभ परंपरा से टाला जाता है।
७:४० पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰
स्थान: भारत
आरंभ: ९:०४ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: १०:३४ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
अवधि: १ घं ३० मि · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न
आरंभ: ७:३५ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰
समाप्ति: ९:०५ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰
अवधि: १ घं ३० मि · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: ६:०६ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰
समाप्ति: ७:३५ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰
अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: ३:०१ अपराह्न, ४ अक्टू॰
समाप्ति: ४:३० अपराह्न, ४ अक्टू॰
अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: १:३१ अपराह्न, ५ अक्टू॰
समाप्ति: ३:०० अपराह्न, ५ अक्टू॰
अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: १२:०२ अपराह्न, ६ अक्टू॰
समाप्ति: १:३१ अपराह्न, ६ अक्टू॰
अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: १०:३३ पूर्वाह्न, ७ अक्टू॰
समाप्ति: १२:०२ अपराह्न, ७ अक्टू॰
अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: ९:०५ पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰
समाप्ति: १०:३३ पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰
अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: ७:३६ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰
समाप्ति: ९:०५ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰
अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: ६:०८ पूर्वाह्न, १० अक्टू॰
समाप्ति: ७:३६ पूर्वाह्न, १० अक्टू॰
अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: २:५७ अपराह्न, ११ अक्टू॰
समाप्ति: ४:२५ अपराह्न, ११ अक्टू॰
अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: १:२८ अपराह्न, १२ अक्टू॰
समाप्ति: २:५६ अपराह्न, १२ अक्टू॰
अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: १२:०० अपराह्न, १३ अक्टू॰
समाप्ति: १:२८ अपराह्न, १३ अक्टू॰
अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: १०:३३ पूर्वाह्न, १४ अक्टू॰
समाप्ति: १२:०० अपराह्न, १४ अक्टू॰
अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न
आरंभ: ९:०५ पूर्वाह्न, १५ अक्टू॰
समाप्ति: १०:३२ पूर्वाह्न, १५ अक्टू॰
अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न
आरंभ: ७:३८ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰
समाप्ति: ९:०५ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰
अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: ६:११ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰
समाप्ति: ७:३८ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰
अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: २:५३ अपराह्न, १८ अक्टू॰
समाप्ति: ४:२० अपराह्न, १८ अक्टू॰
अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: १:२६ अपराह्न, १९ अक्टू॰
समाप्ति: २:५३ अपराह्न, १९ अक्टू॰
अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:५९ पूर्वाह्न, २० अक्टू॰
समाप्ति: १:२५ अपराह्न, २० अक्टू॰
अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न
आरंभ: १०:३२ पूर्वाह्न, २१ अक्टू॰
समाप्ति: ११:५९ पूर्वाह्न, २१ अक्टू॰
अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न
आरंभ: ९:०६ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰
समाप्ति: १०:३२ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰
अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न
आरंभ: ७:४० पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰
समाप्ति: ९:०६ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰
अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न
आरंभ: ६:१४ पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰
समाप्ति: ७:४० पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰
अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न
आरंभ: २:५० अपराह्न, २५ अक्टू॰
समाप्ति: ४:१५ अपराह्न, २५ अक्टू॰
अवधि: १ घं २५ मि · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न
आरंभ: १:२४ अपराह्न, २६ अक्टू॰
समाप्ति: २:५० अपराह्न, २६ अक्टू॰
अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:५८ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰
समाप्ति: १:२४ अपराह्न, २७ अक्टू॰
अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न
आरंभ: १०:३२ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰
समाप्ति: ११:५८ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰
अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न
आरंभ: ९:०८ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰
समाप्ति: १०:३३ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰
अवधि: १ घं २५ मि · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न
आरंभ: ७:४२ पूर्वाह्न, ३० अक्टू॰
समाप्ति: ९:०७ पूर्वाह्न, ३० अक्टू॰
अवधि: १ घं २५ मि · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न
आरंभ: ६:१८ पूर्वाह्न, ३१ अक्टू॰
समाप्ति: ७:४३ पूर्वाह्न, ३१ अक्टू॰
अवधि: १ घं २५ मि · सूर्योदय: ६:१८ पूर्वाह्न
गुलिक काल, जिसे गुलिकै कालम या कुलिगै भी कहते हैं, दिन का वह भाग है जिसके स्वामी गुलिक (मांदि) हैं, जिन्हें ज्योतिष में शनि का पुत्र बताया गया है। यह हर दिन एक बार आता है, दिन के उस भाग में जो वार से तय होता है।
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। रविवार को गुलिक सातवें भाग का स्वामी है और उसके बाद हर दिन एक भाग पहले, शनिवार को पहले भाग तक। दिन की लंबाई ऋतु और स्थान के साथ बदलती है, इसलिए समय भी बदलता है।
| वार | दिन का भाग (आठ में से) |
|---|---|
| रविवार | भाग ७ |
| सोमवार | भाग ६ |
| मंगलवार | भाग ५ |
| बुधवार | भाग ४ |
| गुरुवार | भाग ३ |
| शुक्रवार | भाग २ |
| शनिवार | भाग १ |
मान्यता है कि गुलिक काल में किया गया कार्य दोहराया जाता है। इसलिए इसमें ऋण लेना, अंत्येष्टि और ऐसे कार्य टाले जाते हैं जिनका दोहराव कोई न चाहे, जबकि कुछ दक्षिण भारतीय परिवार इसे ऋण चुकाने या सोना खरीदने के लिए अच्छा मानते हैं।
यह पंचांग की पारंपरिक जानकारी है, किसी फल की गारंटी नहीं। इन कालों के नियम अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हैं; किसी विशेष संस्कार के लिए अपने कुल-पुरोहित से पूछें या अपना पंचांग देखें।
समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।