२७ नक्षत्र मंडल
०५
मृगशिरा
मृगशिरा भचक्र का ५वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव सोम देव (चंद्रमा व अमृत तत्व) और स्वामी ग्रह मंगल हैं।
अधिष्ठाता देवतासोम देव (चंद्रमा व अमृत तत्व)
स्वामी ग्रहमंगल
प्रकृतिमृदु / मैत्र (कोमल व सौम्य)
तत्वपृथ्वी व वायु तत्त्व
प्रतीकमृग शीर्ष (हिरण मुख)
धार्मिक महत्व
मृगशिरा नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालिक स्थिरता और आत्मिक बल प्रदान करते हैं।
शुभ / अनुकूल
- •सोम देव (चंद्रमा व अमृत तत्व) की उपासना और मंत्र जाप
- •सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों की शुरुआत
- •अध्ययन, ज्ञानार्जन और चिंतन
प्रतिकूल
- •अनैतिक और अनुचित आचरण
- •अशांति फैलाने वाले कार्य
