२७ नक्षत्र मंडल
०२

भरणी

भरणी भचक्र का २वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव यमराज (धर्म व न्याय के देवता) और स्वामी ग्रह शुक्र हैं।

अधिष्ठाता देवतायमराज (धर्म व न्याय के देवता)
स्वामी ग्रहशुक्र
प्रकृतिउग्र / क्रूर (तीव्र व प्रभावशाली)
तत्वपृथ्वी तत्त्व
प्रतीकयोनि (सृजन स्रोत)
धार्मिक महत्व

भरणी नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालिक स्थिरता और आत्मिक बल प्रदान करते हैं।

शुभ / अनुकूल
  • •यमराज (धर्म व न्याय के देवता) की उपासना और मंत्र जाप
  • •सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों की शुरुआत
  • •अध्ययन, ज्ञानार्जन और चिंतन
प्रतिकूल
  • •अनैतिक और अनुचित आचरण
  • •अशांति फैलाने वाले कार्य