अक्टूबर २०२६
आरंभ: ६:०२ अपराह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: ६:२६ अपराह्न, १ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ६:०२ अपराह्न
सूर्यास्त कालीन अत्यंत पावन समय, जो शांति, पूजा-अर्चना और मंगल कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
स्थान: भारत
आरंभ: ६:०२ अपराह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: ६:२६ अपराह्न, १ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ६:०२ अपराह्न
आरंभ: ६:०१ अपराह्न, २ अक्टू॰
समाप्ति: ६:२५ अपराह्न, २ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ६:०१ अपराह्न
आरंभ: ६:०० अपराह्न, ३ अक्टू॰
समाप्ति: ६:२४ अपराह्न, ३ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ६:०० अपराह्न
आरंभ: ५:५९ अपराह्न, ४ अक्टू॰
समाप्ति: ६:२३ अपराह्न, ४ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ५:५९ अपराह्न
आरंभ: ५:५८ अपराह्न, ५ अक्टू॰
समाप्ति: ६:२२ अपराह्न, ५ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ५:५८ अपराह्न
आरंभ: ५:५७ अपराह्न, ६ अक्टू॰
समाप्ति: ६:२१ अपराह्न, ६ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ५:५७ अपराह्न
आरंभ: ५:५६ अपराह्न, ७ अक्टू॰
समाप्ति: ६:२० अपराह्न, ७ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ५:५६ अपराह्न
आरंभ: ५:५५ अपराह्न, ८ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१९ अपराह्न, ८ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ५:५५ अपराह्न
आरंभ: ५:५४ अपराह्न, ९ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१८ अपराह्न, ९ अक्टू॰
अवधि: २४ मिनट · सूर्यास्त: ५:५४ अपराह्न
आरंभ: ५:५४ अपराह्न, १० अक्टू॰
समाप्ति: ६:१८ अपराह्न, १० अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:५४ अपराह्न
आरंभ: ५:५३ अपराह्न, ११ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१७ अपराह्न, ११ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:५३ अपराह्न
आरंभ: ५:५२ अपराह्न, १२ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१६ अपराह्न, १२ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:५२ अपराह्न
आरंभ: ५:५१ अपराह्न, १३ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१५ अपराह्न, १३ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:५१ अपराह्न
आरंभ: ५:५० अपराह्न, १४ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१४ अपराह्न, १४ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:५० अपराह्न
आरंभ: ५:४९ अपराह्न, १५ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१३ अपराह्न, १५ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४९ अपराह्न
आरंभ: ५:४८ अपराह्न, १६ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१२ अपराह्न, १६ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४८ अपराह्न
आरंभ: ५:४७ अपराह्न, १७ अक्टू॰
समाप्ति: ६:११ अपराह्न, १७ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४७ अपराह्न
आरंभ: ५:४७ अपराह्न, १८ अक्टू॰
समाप्ति: ६:११ अपराह्न, १८ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४७ अपराह्न
आरंभ: ५:४६ अपराह्न, १९ अक्टू॰
समाप्ति: ६:१० अपराह्न, १९ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४६ अपराह्न
आरंभ: ५:४५ अपराह्न, २० अक्टू॰
समाप्ति: ६:०९ अपराह्न, २० अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४५ अपराह्न
आरंभ: ५:४४ अपराह्न, २१ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०८ अपराह्न, २१ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४४ अपराह्न
आरंभ: ५:४३ अपराह्न, २२ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०८ अपराह्न, २२ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४३ अपराह्न
आरंभ: ५:४३ अपराह्न, २३ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०८ अपराह्न, २३ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४३ अपराह्न
आरंभ: ५:४२ अपराह्न, २४ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०७ अपराह्न, २४ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४२ अपराह्न
आरंभ: ५:४१ अपराह्न, २५ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०६ अपराह्न, २५ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४१ अपराह्न
आरंभ: ५:४१ अपराह्न, २६ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०६ अपराह्न, २६ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४१ अपराह्न
आरंभ: ५:४० अपराह्न, २७ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०५ अपराह्न, २७ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:४० अपराह्न
आरंभ: ५:३९ अपराह्न, २८ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०४ अपराह्न, २८ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:३९ अपराह्न
आरंभ: ५:३९ अपराह्न, २९ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०४ अपराह्न, २९ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:३९ अपराह्न
आरंभ: ५:३८ अपराह्न, ३० अक्टू॰
समाप्ति: ६:०३ अपराह्न, ३० अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:३८ अपराह्न
आरंभ: ५:३७ अपराह्न, ३१ अक्टू॰
समाप्ति: ६:०२ अपराह्न, ३१ अक्टू॰
अवधि: २५ मिनट · सूर्यास्त: ५:३७ अपराह्न
गोधूलि मुहूर्त (गायों के खुरों से उड़ने वाली धूलि का समय) वैदिक संस्कृति में सूर्यास्त के ठीक समय पड़ने वाला अत्यंत पवित्र काल है। प्राचीन काल में जब गौमाताएं चरकर गृह लौटती थीं, तब उनके चरणों से उड़ी धूल वातावरण को पवित्र और दोषमुक्त करती थी।
ज्योतिष शास्त्रों में गोधूलि मुहूर्त को कई प्रकार के ग्रह दोषों और कुयोगों का निवारण करने वाला माना गया है। यह काल संध्या दीप प्रज्वलन, संध्या आरती, लक्ष्मी पूजन और जब कोई अन्य प्रमुख दिन का मुहूर्त उपलब्ध न हो, तब शुभ व मांगलिक कार्य आरंभ करने के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
गोधूलि का अर्थ है 'गायों की धूल': सूर्यास्त के समय घर लौटती गायों के खुरों से उठने वाली धूल। मुहूर्त ग्रंथ इस समय को अनेक दोषों से मुक्त मानते हैं, इसलिए अन्य मुहूर्त न मिलने पर विवाह और अन्य संस्कार इसी समय किए जाते हैं।
यह सूर्यास्त से आरंभ होकर रात्रि के लगभग आधे मुहूर्त (प्रायः २४ मिनट) तक रहता है। इसका सटीक समय स्थान के अक्षांश, रेखांश और सूर्यास्त पर निर्भर करता है।
समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।