अक्टूबर २०२६
आरंभ: ४:२८ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१६ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न
ध्यान, योग और आध्यात्मिक साधना के लिए दिन का सर्वश्रेष्ठ व पावन समय।
स्थान: भारत
आरंभ: ४:२८ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१६ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:२९ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१७ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:२९ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१७ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:२९ पूर्वाह्न, ४ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१७ पूर्वाह्न, ४ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:२९ पूर्वाह्न, ५ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१८ पूर्वाह्न, ५ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:२९ पूर्वाह्न, ६ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१८ पूर्वाह्न, ६ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:२९ पूर्वाह्न, ७ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१८ पूर्वाह्न, ७ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३० पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१९ पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३० पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१९ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३० पूर्वाह्न, १० अक्टू॰
समाप्ति: ५:१९ पूर्वाह्न, १० अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३१ पूर्वाह्न, ११ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२० पूर्वाह्न, ११ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३० पूर्वाह्न, १२ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१९ पूर्वाह्न, १२ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३० पूर्वाह्न, १३ अक्टू॰
समाप्ति: ५:१९ पूर्वाह्न, १३ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३१ पूर्वाह्न, १४ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२० पूर्वाह्न, १४ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३१ पूर्वाह्न, १५ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२० पूर्वाह्न, १५ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३२ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२१ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰
अवधि: ४९ मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३१ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२१ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३१ पूर्वाह्न, १८ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२१ पूर्वाह्न, १८ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३२ पूर्वाह्न, १९ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२२ पूर्वाह्न, १९ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३२ पूर्वाह्न, २० अक्टू॰
समाप्ति: ५:२२ पूर्वाह्न, २० अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३३ पूर्वाह्न, २१ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२३ पूर्वाह्न, २१ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३३ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२३ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३३ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२३ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३३ पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२३ पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३४ पूर्वाह्न, २५ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२४ पूर्वाह्न, २५ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३४ पूर्वाह्न, २६ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२४ पूर्वाह्न, २६ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३५ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२५ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३५ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२५ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰
अवधि: ५० मिनट · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३५ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२६ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰
अवधि: ५१ मिनट · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३५ पूर्वाह्न, ३० अक्टू॰
समाप्ति: ५:२६ पूर्वाह्न, ३० अक्टू॰
अवधि: ५१ मिनट · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न
आरंभ: ४:३६ पूर्वाह्न, ३१ अक्टू॰
समाप्ति: ५:२७ पूर्वाह्न, ३१ अक्टू॰
अवधि: ५१ मिनट · सूर्योदय: ६:१८ पूर्वाह्न
ब्रह्म मुहूर्त (सृष्टिकर्ता का समय) सूर्योदय से 2 मुहूर्त (लगभग 1 घंटा 36 मिनट) पहले शुरू होकर 1 मुहूर्त (48 मिनट) पहले समाप्त होता है। वैदिक शास्त्रों और आयुर्वेद (अष्टांग हृदय) में इसे दीर्घायु, स्वास्थ्य और आत्मज्ञान के लिए सर्वोत्तम समय बताया गया है।
इस समय प्रकृति में सात्विक ऊर्जा, शुद्ध प्राणवायु और अगाध शांति होती है। यह समय निद्रा त्यागने, ध्यान, योग, प्राणायाम, ईश्वर आराधना और अध्ययन के लिए आदर्श माना गया है, क्योंकि इस समय मन अत्यंत एकाग्र रहता है।
आयुर्वेद ग्रंथ अष्टांग हृदय स्वास्थ्य और दीर्घायु की रक्षा के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठने की सलाह देता है। योग परंपरा में इस समय मन सबसे शांत रहता है, इसलिए यह ध्यान, प्राणायाम, प्रार्थना और अध्ययन के लिए बताया गया है।
ब्रह्म मुहूर्त का समय स्थानीय सूर्योदय पर निर्भर करता है। पंचांग गणना के अनुसार रात्रि (सूर्यास्त से सूर्योदय) को 15 समान मुहूर्तों में बांटा जाता है, जिसमें 14वां मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त होता है।
समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।