आज का राहु काल
चयनित तिथि और स्थान के लिए पारंपरिक राहुकाल का समय देखें।
गुरुवार, ८ अक्टूबर २०२६
गुरुवार
आज का राहुकाल
गुरुवार · पारंपरिक दिन की अवधि
राहुकाल प्रारंभ
१:२९ अपराह्न
राहुकाल समाप्त
२:५८ अपराह्न
अवधि
१ घं २८ मि
पारंपरिक रूप से, राहुकाल में शुभ कार्य शुरू करने से बचा जाता है। यह व्याख्या हिंदू ज्योतिषीय परंपरा पर आधारित है।
राहुकाल के बारे में
राहुकाल, जिसे राहु कलाम भी कहा जाता है, हिंदू ज्योतिष में राहु से जुड़ा एक दैनिक समय है। स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के दिन के समय को आठ समान भागों में बांटा जाता है। वार के अनुसार एक भाग को राहुकाल के रूप में निर्धारित किया जाता है।
स्थान-आधारित समय
राहुकाल का समय चयनित स्थान के सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करता है। एक ही तिथि पर अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग समय हो सकता है।
वार-आधारित खंड
राहुकाल के लिए निर्धारित खंड वार के साथ बदलता है। चयनित दिन का खंड ऊपर दी गई अनुसूची में दिखाया गया है।
| वार | राहुकाल खंड |
|---|---|
| रविवार | खंड ८ |
| सोमवार | खंड २ |
| मंगलवार | खंड ७ |
| बुधवार | खंड ५ |
| गुरुवार | खंड ६ |
| शुक्रवार | खंड ४ |
| शनिवार | खंड ३ |
राहुकाल का समय और इसकी व्याख्या पारंपरिक वार-आधारित पद्धति का पालन करती है। क्षेत्रीय पंचांग और गणना के नियम भिन्न हो सकते हैं। ये पारंपरिक व्याख्याएं परिणामों की गारंटी नहीं हैं।
