अशुभ (अमंगलकारी)•योग २७ / २७ · ३४६°४०′–३६०°

वैधृति योग

वैधृति २७ योगों में क्रमांक २७ है। यह तब रहता है जब सूर्य और चंद्रमा का संयुक्त चलन राशिचक्र के ३४६°४०′ से ३६०° तक होता है। वैधृति सूर्य और चंद्रमा के कोणीय योग से बनने वाला २७वाँ नित्य योग है। इसका प्रभाव अशुभ (सतर्कता आवश्यक) माना जाता है।

वैधृति योग के बारे में पढ़ें →

२७
अगली बार६:२५ पूर्वाह्न, ५ नव॰
इसके लिए अच्छाप्रार्थना, ध्यान और आत्मसंयम, शांतिप्रद और मांगलिक कार्य
इनसे बचना उचितजल्दबाजी और आवेश में लिए गए निर्णय
आरंभगुरु, ५ नव॰, ६:२५ पूर्वाह्न
समाप्तिशुक्र, ६ नव॰, ५:०९ पूर्वाह्न
सूर्योदय परसूर्योदय से पहले ही समाप्त: इस अवधि में कोई सूर्योदय नहीं पड़ता

२०२६ का मासिक कार्यक्रम

स्थान: भारत · वर्ष: २०२६

४रवि

जनवरी २०२६

आरंभ: ५:१५ पूर्वाह्न, ४ जन॰

समाप्ति: १:४६ पूर्वाह्न, ५ जन॰

२९गुरु

जनवरी २०२६

आरंभ: ८:२६ अपराह्न, २९ जन॰

समाप्ति: ४:५८ अपराह्न, ३० जन॰

२४मंगल

फ़रवरी २०२६

आरंभ: ७:२३ पूर्वाह्न, २४ फ़र॰

समाप्ति: ४:२५ पूर्वाह्न, २५ फ़र॰

२१शनि

मार्च २०२६

आरंभ: ७:०० अपराह्न, २१ मार्च

समाप्ति: ३:४१ अपराह्न, २२ मार्च

१६गुरु

अप्रैल २०२६

आरंभ: १०:३७ पूर्वाह्न, १६ अप्रैल

समाप्ति: ७:२१ पूर्वाह्न, १७ अप्रैल

१२मंगल

मई २०२६

आरंभ: १:०३ पूर्वाह्न, १२ मई

समाप्ति: ११:१९ अपराह्न, १२ मई

६शनि

जून २०२६

आरंभ: १०:०३ पूर्वाह्न, ६ जून

समाप्ति: १०:०१ पूर्वाह्न, ७ जून

१बुध

जुलाई २०२६

आरंभ: ४:०३ अपराह्न, १ जुल॰

समाप्ति: ४:३८ अपराह्न, २ जुल॰

२६रवि

जुलाई २०२६

आरंभ: १०:०४ अपराह्न, २६ जुल॰

समाप्ति: १०:५४ अपराह्न, २७ जुल॰

२१शुक्र

अगस्त २०२६

आरंभ: ४:२४ पूर्वाह्न, २१ अग॰

समाप्ति: ५:१७ पूर्वाह्न, २२ अग॰

१५मंगल

सितंबर २०२६

आरंभ: १२:१९ अपराह्न, १५ सित॰

समाप्ति: १२:२१ अपराह्न, १६ सित॰

१०शनि

अक्टूबर २०२६

वर्तमान माह

आरंभ: १०:०१ अपराह्न, १० अक्टू॰

समाप्ति: ९:०४ अपराह्न, ११ अक्टू॰

५गुरु

नवंबर २०२६

आरंभ: ६:२५ पूर्वाह्न, ५ नव॰

समाप्ति: ५:०९ पूर्वाह्न, ६ नव॰

३०सोम

नवंबर २०२६

आरंभ: २:२६ अपराह्न, ३० नव॰

समाप्ति: १२:१४ अपराह्न, १ दिस॰

२६शनि

दिसंबर २०२६

आरंभ: ४:१५ पूर्वाह्न, २६ दिस॰

समाप्ति: १२:२१ पूर्वाह्न, २७ दिस॰

समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।