कार करवा चौथ पर बादलों में छिप गया चांद? बिना दर्शन ऐसे खोलें व्रत

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कार करवा चौथ पर बादलों में छिप गया चांद? बिना दर्शन ऐसे खोलें व्रत

करवा चौथ पर मौसम खराब होने या बादलों की वजह से चांद न दिखने की स्थिति में पंचांग के अनुसार चंद्रोदय का समय देखकर उस दिशा में मानसिक अर्घ्य देकर व्रत खोला जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसी परिस्थिति में व्रत खंडित नहीं होता है और पूरे विधि-विधान से व्रत का पारण किया जा सकता है।

करवा चौथ पर चांद न दिखे तो व्रत कैसे खोलें?

यदि करवा चौथ के दिन आसमान में बादल छाए होने के कारण चंद्रमा दिखाई नहीं दे रहा है, तो आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में आप पंचांग के अनुसार अपने शहर में चंद्रोदय का निश्चित समय देख लें। समय होने पर चंद्रमा के उदय होने की दिशा की ओर मुख करके उनका मानसिक रूप से ध्यान करें और उसी दिशा में अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा कर सकती हैं।

शुभ मुहूर्त और नियम

करवा चौथ के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 54 मिनट से शाम 07 बजकर 10 मिनट तक है और चंद्रोदय रात 08 बजकर 39 मिनट पर होगा। अर्घ्य देने से पहले किसी भी चीज का सेवन न करें और इस दिन काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें।

क्या बिना चांद देखे करवा चौथ का व्रत पूरा माना जाता है?

शास्त्रों के अनुसार, यदि आपने सभी नियमों का पालन किया है और तमाम कोशिशों के बाद भी मौसम के कारण चांद के दर्शन नहीं हो पा रहे हैं, तो आपका व्रत अधूरा नहीं माना जाता है। सच्ची निष्ठा और भाव के साथ वैकल्पिक विधियों को अपनाने से व्रत का पूरा पुण्य प्राप्त होता है।

क्या भगवान शिव के मस्तक के चांद के दर्शन करके व्रत खोल सकते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि आकाश में चंद्रमा के दर्शन संभव न हों, तो आप भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित बालचन्द्र का ध्यान या दर्शन करके भी अपने व्रत का पारण कर सकती हैं। भगवान शिव की पूजा करने के बाद उनके स्वरूप में विराजमान चंद्रमा को मानकर व्रत खोला जा सकता है।

चांद न दिखने पर चावल से चांद बनाकर पूजा करने की विधि क्या है?

बादलों में चांद छिप जाने की स्थिति में घर के अंदर ही किसी साफ चौकी या थाली पर चावल से चंद्रमा की आकृति बनाई जा सकती है। इसके बाद उस प्रतीकात्मक चंद्रमा की विधि-विधान से पूजा करके और मंत्रों का जाप करते हुए व्रत का समापन किया जाता है।

पंचांग के अनुसार चंद्रोदय का समय निकलने के बाद क्या करें?

यदि पंचांग में दिए गए चंद्रोदय के समय से काफी देर बीत चुकी है और आसमान में बादल भी नहीं हट रहे हैं, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे में चंद्रमा की अपेक्षित दिशा की तरफ मुख करके मानसिक अर्घ्य देने का विधान बताया गया है, जिसे अपनाकर आप अपना व्रत खोल सकती हैं।

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