1 November•Krishna Paksha Saptami

धनतेरस से भाई दूज तक क्यों जलाते हैं दीपक?

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धनतेरस से भाई दूज तक क्यों जलाते हैं दीपक?

दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व में धनतेरस से भाई दूज तक प्रतिदिन शाम को दीपक जलाने की परंपरा का गहरा आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व है। यह दीपोत्सव धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक निरंतर चलता है, जिसमें हर दिन अलग-अलग कारणों से दीपक प्रज्वलित किए जाते हैं।

धनतेरस पर यम का दीपक क्यों जलाया जाता है?

दीपोत्सव के पहले दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनतेरस के दिन घर की दक्षिण दिशा में यम का दीपक जलाने का विशेष महत्व है, जिससे परिवार में अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

नरक चतुर्दशी या छोटी दीवाली पर दीपक क्यों जलाए जाते हैं?

पौराणिक कथा के अनुसार, छोटी दीवाली के अवसर पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था। भगवान कृष्ण ने 16,100 राजकुमारियों और बंदियों को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था, इसलिए इस दिन भय और अंधकार पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में दीप जलाए जाते हैं।

मुख्य दीवाली की रात घर में दीपक जलाने का क्या महत्व है?

कार्तिक अमावस्या के दिन भगवान श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस लौटे थे। उनके आगमन की खुशी में नगरवासियों ने दीपक जलाकर प्रभु का स्वागत किया था। दीवाली के दिन दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है क्योंकि दीयों की रोशनी अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन में ज्ञान, सुख और समृद्धि लाती है।

गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के दिन दीपक जलाने की क्या परंपरा है?

दीपोत्सव के चौथे दिन गोवर्धन पूजा होती है। पौराणिक कथा के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी और देवराज इंद्र का अहंकार तोड़ा था। इसके बाद लोगों ने प्रभु को 56 भोग अर्पित किए और दीप जलाए, जिसके कारण गोवर्धन पूजा के दिन दीपक जलाने का विधान है।

भाई दूज पर बहनें भाइयों के लिए दीपक क्यों प्रज्वलित करती हैं?

यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनका तिलक करती हैं और दीप जलाकर उनकी आरती उतारती हैं।

दीपोत्सव के दौरान साधारण दीपकों के साथ-साथ धनतेरस की शाम को दक्षिण दिशा में यमराज के निमित्त नियमपूर्वक दीपक अवश्य जलाना चाहिए।

दीपावली के दिनप्रमुख प्रसंग या कथा
धनतेरसयम का दीपक और अकाल मृत्यु का भय निवारण
नरक चतुर्दशीनरकासुर वध और रूप चौदस
दीवालीश्रीराम का अयोध्या आगमन और मां लक्ष्मी कृपा
गोवर्धन पूजागोवर्धन पर्वत पूजा और अन्नकूट
भाई दूजयमराज और यमुनाजी का प्रसंग व भाई-बहन का स्नेह

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