दुर्गा अष्टमी 2026: शारदीय नवरात्र अष्टमी हवन में जरूर दें इन 3 चीजों की आहुति

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दुर्गा अष्टमी 2026: शारदीय नवरात्र अष्टमी हवन में जरूर दें इन 3 चीजों की आहुति

शारदीय नवरात्र की अष्टमी के दिन मां दुर्गा की विशेष पूजा और हवन करने से घर में सकारात्मकता आती है और भक्तों को माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस साल 19 अक्टूबर 2026 को दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी, जिसमें खीर, गाय के शुद्ध घी और साबुत लौंग के जोड़े की आहुति देना बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन विशेष सामग्रियों को अर्पित करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

अष्टमी हवन में खीर की आहुति क्यों दी जाती है?

नवरात्र की अष्टमी पर हवन करते समय खीर की आहुति देना बहुत शुभ माना जाता है। खीर को मिठास, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हवन में खीर अर्पित करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसके लिए खीर में थोड़ी हवन सामग्री मिलाकर विधि-विधान से आहुति दी जाती है।

गाय के शुद्ध घी की आहुति का क्या महत्व है?

हिंदू धर्म में हवन के दौरान घी का विशेष महत्व होता है। इसे अग्नि में अर्पित करना पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। अष्टमी के हवन में गाय के शुद्ध घी का इस्तेमाल किया जाता है। मान्यता है कि घी की आहुति देने से घर का वातावरण पवित्र हो जाता है और पूजा का शुभ फल प्राप्त होता है।

साबुत लौंग का जोड़ा अर्पित करने से क्या लाभ मिलता है?

मां दुर्गा की पूजा में लौंग का इस्तेमाल बहुत शुभ होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हवन के दौरान साबुत लौंग का जोड़ा घी में डुबोकर अर्पित करने से घर की सारी नकारात्मकता नष्ट हो जाती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।

हवन में किन अन्य सामग्रियों का उपयोग करना चाहिए?

इन तीन मुख्य चीजों के अलावा अष्टमी के हवन के लिए कई अन्य पवित्र सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। ये सभी सामग्रियां हवन को पूर्ण और फलदायी बनाती हैं।

  • आम की लकड़ी (समिधा)
  • गाय का शुद्ध घी
  • जौ
  • अक्षत (चावल)
  • काले तिल
  • गुग्गुल और लोबान
  • मखाना
  • शक्कर

शुभ मुहूर्त और विधि

19 अक्टूबर 2026 को दुर्गा अष्टमी के दिन कन्या पूजन के साथ हवन करने की परंपरा है। हवन करते समय सभी नियमों का पालन करना चाहिए और निर्धारित पवित्र सामग्रियों से ही आहुति देनी चाहिए।

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