बिहार के झिझिया नृत्य में क्यों पुकारे जाते हैं बरहम बाबा?

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बिहार के झिझिया नृत्य में क्यों पुकारे जाते हैं बरहम बाबा?

बिहार के झिझिया नृत्य में ग्रामीण महिलाएं बरहम बाबा को इसलिए पुकारती हैं क्योंकि उन्हें गांव का मुख्य संरक्षक देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बरहम बाबा की कृपा से बच्चों और परिवार की बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।

बरहम बाबा कौन हैं और इन्हें क्यों पूजा जाता है?

बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बरहम बाबा को एक स्थानीय लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। इन्हें गांव का मुख्य संरक्षक देवता माना जाता है और मान्यता है कि इनके वास वाले स्थान पर भूत-पिशाच नहीं आते हैं। किसी भी अच्छे काम को करने से पहले लोग इनका आशीर्वाद लेते हैं।

बिहार के झिझिया नृत्य में बरहम बाबा को क्यों पुकारा जाता है?

झिझिया नृत्य के दौरान महिलाएं बरहम बाबा का आह्वान करती हैं ताकि उनके बच्चों और परिवार की बुरी नजर से रक्षा हो सके। धार्मिक मान्यता है कि इस अनुष्ठानिक नृत्य के माध्यम से बरहम बाबा की कृपा प्राप्त होती है और दुष्ट शक्तियों का प्रभाव दूर रहता है।

झिझिया नृत्य किस प्रकार किया जाता है?

इस पारंपरिक नृत्य में महिलाएं अपने सिर पर छिद्रयुक्त मटका (घैला) रखती हैं, जिसके अंदर जलता हुआ दीया रखा जाता है। मटके को सिर पर रखकर महिलाएं संतुलित तरीके से नृत्य करती हैं। लोक मान्यताओं के अनुसार, इस नृत्य से जुड़ी एक बात यह भी है कि यदि कोई डायन या दुष्ट व्यक्ति मटके के छेद को गिन ले, तो नृत्य करने वाली महिला की मृत्यु हो जाती है।

बरहम बाबा को क्या अर्पित किया जाता है?

बरहम बाबा को प्रसन्न करने के लिए ग्रामीण लोग विभिन्न वस्तुएं अर्पित करते हैं। इन्हें अर्पित की जाने वाली सामग्री इस प्रकार है:

  • मिट्टी से निर्मित घोड़कलश
  • धोती और जनेऊ
  • मिठाई
  • पान और फूल

बरहम बाबा का स्थान बिहार के हर गांव में होता है जिसे 'बरहम स्थान' कहा जाता है। ग्रामीण जनजीवन में इन लोक देवताओं के प्रति अटूट आस्था है।

बिहार में और कौन से स्थानीय देवी-देवता पूजे जाते हैं?

बिहार, नेपाल और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बरहम बाबा के अलावा कई अन्य स्थानीय देवी-देवता भी पूजे जाते हैं। इन क्षेत्रों में करोड़ों लोगों की आस्था इन क्षेत्रीय देवताओं से जुड़ी हुई है:

  • सरकट्टी माई
  • गढ़ी देवी
  • बौद्धी माई
  • मलंग बाबा
  • डीहवार बाबा
  • गोरैया बाबा

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