जनवरी २०२६
आरंभ: ६:५३ अपराह्न, २ जन॰
समाप्ति: ३:३२ अपराह्न, ३ जन॰
शुक्ल पक्ष पूर्णिमा बढ़ते पखवाड़े (शुक्ल पक्ष) की अंतिम तिथि है। यह पूर्णिमा पर समाप्त होती है, जब चंद्रमा सूर्य से १८०° पर होता है। उपवास, दान और पूजा का दिन, जैसे सत्यनारायण पूजा। पूर्णा तिथि संपूर्ण मानी जाती है, शुभ कार्य और कार्यों को पूर्णता तक पहुँचाने के लिए अनुकूल।
इस तिथि पर मनाया जाता है: पूर्णिमा व्रत
स्थान: भारत · वर्ष: २०२६
आरंभ: ६:५३ अपराह्न, २ जन॰
समाप्ति: ३:३२ अपराह्न, ३ जन॰
आरंभ: ५:५३ पूर्वाह्न, १ फ़र॰
समाप्ति: ३:३९ पूर्वाह्न, २ फ़र॰
आरंभ: ५:५६ अपराह्न, २ मार्च
समाप्ति: ५:०७ अपराह्न, ३ मार्च
आरंभ: ७:०६ पूर्वाह्न, १ अप्रैल
समाप्ति: ७:४१ पूर्वाह्न, २ अप्रैल
आरंभ: ९:१२ अपराह्न, ३० अप्रैल
समाप्ति: १०:५३ अपराह्न, १ मई
आरंभ: ११:५८ पूर्वाह्न, ३० मई
समाप्ति: २:१५ अपराह्न, ३१ मई
आरंभ: ३:०६ पूर्वाह्न, २९ जून
समाप्ति: ५:२६ पूर्वाह्न, ३० जून
आरंभ: ६:१९ अपराह्न, २८ जुल॰
समाप्ति: ८:०५ अपराह्न, २९ जुल॰
आरंभ: ९:०९ पूर्वाह्न, २७ अग॰
समाप्ति: ९:४८ पूर्वाह्न, २८ अग॰
आरंभ: ११:०७ अपराह्न, २५ सित॰
समाप्ति: १०:१८ अपराह्न, २६ सित॰
आरंभ: ११:५६ पूर्वाह्न, २५ अक्टू॰
समाप्ति: ९:४१ पूर्वाह्न, २६ अक्टू॰
आरंभ: ११:४२ अपराह्न, २३ नव॰
समाप्ति: ८:२३ अपराह्न, २४ नव॰
आरंभ: १०:४७ पूर्वाह्न, २३ दिस॰
समाप्ति: ६:५८ पूर्वाह्न, २४ दिस॰
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