करवा की टोंटी में क्यों लगाई जाती हैं सींकें?

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करवा की टोंटी में क्यों लगाई जाती हैं सींकें?

करवा चौथ की पूजा में करवा की टोंटी पर सींकें लगाने का बहुत बड़ा धार्मिक और पौराणिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन सींकों के बिना करवा चौथ की पूजा अधूरी मानी जाती है और इसके इस्तेमाल से पति को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।

करवा चौथ की पूजा में कितनी सींकों का इस्तेमाल होता है?

करवा चौथ की पूजा में कुल 28 सींकों का उपयोग किया जाता है। इन्हें 7-7 की संख्या में 4 जगहों पर रखा जाता है, जिसमें से 7 सींकें मुख्य रूप से करवा की टोंटी पर लगाई जाती हैं। महिलाएं जब करवा को हाथ में लेकर करवा माता की परिक्रमा करती हैं, तब भी ये सींकें टोंटी में ही लगी होनी चाहिए।

करवा चौथ में सींकों का इस्तेमाल करने की पौराणिक कथा क्या है?

करवा की टोंटी में सींकें लगाने के पीछे एक पुरानी पौराणिक कथा जुड़ी हुई है। मान्यता है कि एक बार करवा माता के पति का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया था, तब करवा माता ने अपनी शक्ति और इन सींकों का उपयोग करके मगरमच्छ को बांध दिया था। इसके बाद वह यमराज के पास गईं जहाँ चित्रगुप्त जी जीवन का लेखा-जोखा लिख रहे थे, और करवा माता ने इन्हीं सींकों के माध्यम से पति के जीवन से जुड़े प्रसंग को बदल दिया था। इसी प्रसंग के बाद से पति की रक्षा और लंबी आयु के लिए पूजा में सींकों का प्रयोग करने की परंपरा शुरू हुई।

करवा चौथ की पूजा में किन-किन चीजों का इस्तेमाल होता है?

व्रत की पूजा सामग्री में कई मुख्य चीजें शामिल होती हैं जो इस प्रकार हैं:

  • छलनी
  • दीपक
  • मिट्टी का करवा
  • सुहाग का सामान
  • चावल
  • विशेष सींकें

ध्यान दें

शास्त्रीय नियमों के अनुसार करवा चौथ की पूजा में सींकों का होना अनिवार्य है। यदि पूजा में सींकों का इस्तेमाल न किया जाए, तो इस व्रत को पूर्ण नहीं माना जाता है और इसका पूरा फल नहीं मिलता है।

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