शारदीय नवरात्र महाअष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है?

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शारदीय नवरात्र महाअष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है?

शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगा, जिससे इस बार भक्तों को पूजन के लिए बहुत कम समय मिलेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल और अभिजीत मुहूर्त में कन्या पूजन करना फलदायी होगा जबकि राहुकाल से बचना चाहिए।

शारदीय नवरात्र महाअष्टमी पर कन्या पूजन का सबसे सही और शुभ समय क्या है?

धार्मिक मान्यता के अनुसार शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर, रविवार, प्रातः 8:27 बजे आरंभ होकर 19 अक्टूबर, प्रातः 10:51 बजे तक रहेगी। उदया तिथि में अष्टमी 19 अक्टूबर को होने के कारण इस दिन कन्या पूजन करना शुभ होगा। चूंकि अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर को प्रातः 10:51 पर समाप्त हो रही है, इसलिए कन्या पूजन इससे पहले ही संपन्न करना ठीक रहेगा।

महाअष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त का समय क्या है?

जो लोग अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं, वे 19 अक्टूबर के इन शुभ मुहूर्तों में पूजा कर सकते हैं:

  • ब्रह्म मुहूर्त: 19 अक्टूबर, प्रातः 4 बजकर 52 मिनट से प्रातः 5 बजकर 40 मिनट तक
  • अमृत काल: 19 अक्टूबर, प्रातः 7 बजकर 28 मिनट से 9 बजकर 16 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक
  • अमृत काल: प्रातः 08:29 बजे से प्रातः 10:16 बजे तक

ध्यान दें

महाअष्टमी के दिन राहुकाल प्रातः 07:50 से प्रातः 09:15 बजे तक रहेगा। कन्या पूजन करते समय राहुकाल से अवश्य बचना चाहिए।

महाअष्टमी पर कन्या पूजन क्यों किया जाता है?

महाअष्टमी पर माता महागौरी की पूजा होती है और इस दिन कन्याओं का पूजन बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कन्या को देवी शक्ति का स्वरूप माना जाता है और कन्या पूजन के बिना दुर्गा माता का पूजन भी अधूरा माना जाता है। इस दिन कन्याओं को माता के अलग-अलग स्वरूपों के रूप में पूजने से माता का आशीर्वाद बना रहता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

महाअष्टमी और महानवमी में से कन्या पूजन किस दिन करना चाहिए?

इस साल नवरात्रि में महाअष्टमी और महा नवमी की तारीखों को लेकर उलझन है क्योंकि सप्तमी तिथि दो दिनों तक पड़ रही है। शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि पर माता दुर्गा के अष्टम स्वरूप महागौरी का पूजन किया जाता है जिसे दुर्गा अष्टमी के रूप में भी मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार 19 अक्टूबर को उदया तिथि होने के कारण अष्टमी का कन्या पूजन इसी दिन किया जाएगा।

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