दशहरा पर क्या खरीदें और क्या नहीं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विजयादशमी या दशहरा के दिन सोना, चांदी, तांबे-पीतल के बर्तन, नई झाड़ू और धार्मिक पुस्तकें खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस पावन अवसर पर काले रंग की वस्तुएं, चमड़े के सामान और तामसिक चीजों की खरीदारी से बचना चाहिए।
दशहरे के दिन क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से दशहरा के दिन कुछ खास तरह की चीजों की खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसमें सोने-चांदी के सिक्के से लेकर आभूषण तक शामिल हैं। जिन लोगों के लिए सोना-चांदी खरीदना संभव नहीं होता, वे लोग तांबे और पीतल के बर्तन भी खरीद सकते हैं।
- सोने-चांदी के सिक्के या आभूषण
- तांबे और पीतल के बर्तन
- नई झाड़ू
- शमी का पौधा
- बच्चों के लिए नई किताबें और पेन-कॉपी
- परिवार के सदस्यों के लिए नए कपड़े
विजयादशमी पर कौन सी चीजें नहीं खरीदनी चाहिए?
दशहरा के मौके पर कुछ चीजों को घर लाना अशुभ माना जाता है, इसलिए इनकी खरीदारी करने से बचना चाहिए। इस दिन सात्विक और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
- काले रंग के कपड़े या कोई भी वस्तु
- काले रंग के जूते और चप्पल
- चमड़े से जुड़ी वस्तुएं
- मांस-मदिरा और तामसिक वस्तुएं
- लोहे के सामान या कबाड़ की चीजें
क्या दशहरा पर नई झाड़ू खरीदना शुभ होता है?
दशहरा पर घर में नया झाड़ू लाना बहुत शुभ माना जाता है। वास्तु और ज्योतिष सिद्धांतों में झाड़ू को नकारात्मक ऊर्जा दूर करने वाला और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है।
दशहरे पर शमी का पौधा घर लाने का क्या महत्व है?
इस दिन घर में शमी का पौधा लगाना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शमी के पौधे की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
शुभ खरीदारी
दशहरा के दिन सोना या चांदी खरीदना अनिवार्य नहीं है। जो लोग यह नहीं खरीद सकते, वे तांबा, पीतल, नई झाड़ू या धार्मिक पुस्तकें खरीदकर भी समान पुण्य और शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं।
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