२७ नित्य योग
०९
शूल
शूल सूर्य और चंद्रमा के कोणीय योग से बनने वाला ९वाँ नित्य योग है। इसका प्रभाव अशुभ (सतर्कता आवश्यक) माना जाता है।
प्रकृतिअशुभ (सतर्कता आवश्यक)
धार्मिक महत्व
पंचांग परंपरा में शूल योग मानसिक शांति और कार्यों की सफलता में मार्गदर्शक है।
शुभ / अनुकूल
- •प्रार्थना, ध्यान और आत्मसंयम
- •शांतिप्रद और मांगलिक कार्य
प्रतिकूल
- •जल्दबाजी और आवेश में लिए गए निर्णय
