३० तिथियाँशुक्ल पक्ष
०३
तृतीया
तृतीया वैदिक पंचांग की पवित्र ३वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माता गौरी (पार्वती) हैं और प्रकृति बल प्रदा (शक्ति व ऊर्जा) मानी गई है।
१२° Arc
अधिष्ठाता देवतामाता गौरी (पार्वती)
प्रकृतिबल प्रदा (शक्ति व ऊर्जा)
धार्मिक महत्व
वैदिक ज्योतिष में तृतीया तिथि को आध्यात्मिक साधना, व्रत और शुभ संकल्पों के लिए परम फलदायी माना गया है।
शुभ / अनुकूल
- •माता गौरी (पार्वती) की पूजा, आराधना और ध्यान
- •धार्मिक अध्ययन और सत्संग
- •सदाचार और परोपकारी कार्यों का आरंभ
प्रतिकूल
- •अधार्मिक एवं नकारात्मक कार्य
- •क्रोध और व्यर्थ वाद-विवाद
