२७ नक्षत्र मंडल
१५
स्वाति
स्वाति भचक्र का १५वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव वायु देव (पवन देव) और स्वामी ग्रह राहु हैं।
अधिष्ठाता देवतावायु देव (पवन देव)
स्वामी ग्रहराहु
प्रकृतिChara / Chala (Movable & Independent)
तत्ववायु तत्त्व
प्रतीकपवन-कंपित अंकुर
धार्मिक महत्व
स्वाति नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालिक स्थिरता और आत्मिक बल प्रदान करते हैं।
शुभ / अनुकूल
- •वायु देव (पवन देव) की उपासना और मंत्र जाप
- •सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों की शुरुआत
- •अध्ययन, ज्ञानार्जन और चिंतन
प्रतिकूल
- •अनैतिक और अनुचित आचरण
- •अशांति फैलाने वाले कार्य
