२७ नक्षत्र मंडल
०४
रोहिणी
रोहिणी भचक्र का ४वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव भगवान ब्रह्मा (प्रजापति) और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं।
अधिष्ठाता देवताभगवान ब्रह्मा (प्रजापति)
स्वामी ग्रहचंद्रमा
प्रकृतिध्रुव / स्थिर (स्थायी व दीर्घकालीन)
तत्वपृथ्वी तत्त्व
प्रतीकदिव्य रथ
धार्मिक महत्व
रोहिणी नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालिक स्थिरता और आत्मिक बल प्रदान करते हैं।
शुभ / अनुकूल
- •भगवान ब्रह्मा (प्रजापति) की उपासना और मंत्र जाप
- •सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों की शुरुआत
- •अध्ययन, ज्ञानार्जन और चिंतन
प्रतिकूल
- •अनैतिक और अनुचित आचरण
- •अशांति फैलाने वाले कार्य
