२७ नक्षत्र मंडल
२५
पूर्वाभाद्रपद
पूर्वाभाद्रपद भचक्र का २५वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव अज एकपाद (दिव्य अग्नि स्वरूप) और स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) हैं।
अधिष्ठाता देवताअज एकपाद (दिव्य अग्नि स्वरूप)
स्वामी ग्रहबृहस्पति (गुरु)
प्रकृतिउग्र / क्रूर (तेजस्वी व दृढ़)
तत्ववायु व जल तत्त्व
प्रतीकतलवार / दिव्य चाप
शुभ / अनुकूल
- •अग्नि से जुड़े कार्य
- •विषैली औषधियों पर शोध
- •शस्त्रों की खरीद-बिक्री और उपयोग, और बंदूक का लाइसेंस लेना
- •शल्य क्रियाएँ
प्रतिकूल
- •विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- •गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।