२७ नक्षत्र मंडल
१९
मूल
मूल भचक्र का १९वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव निर्ऋति देवी और स्वामी ग्रह केतु हैं।
अधिष्ठाता देवतानिर्ऋति देवी
स्वामी ग्रहकेतु
प्रकृतिTeekshna / Daruna (Deep & Root-Seeking)
तत्वअग्नि तत्त्व
प्रतीकमूल गुच्छ (जड़ों का बंध)
धार्मिक महत्व
मूल नक्षत्र में किए गए कार्य दीर्घकालिक स्थिरता और आत्मिक बल प्रदान करते हैं।
शुभ / अनुकूल
- •निर्ऋति देवी की उपासना और मंत्र जाप
- •सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों की शुरुआत
- •अध्ययन, ज्ञानार्जन और चिंतन
प्रतिकूल
- •अनैतिक और अनुचित आचरण
- •अशांति फैलाने वाले कार्य
