२७ नक्षत्र मंडल
१८
ज्येष्ठा
ज्येष्ठा भचक्र का १८वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव देवराज इंद्र और स्वामी ग्रह बुध हैं।
अधिष्ठाता देवतादेवराज इंद्र
स्वामी ग्रहबुध
प्रकृतितीक्ष्ण / दारुण (तीव्र व वरिष्ठ)
तत्वजल तत्त्व
प्रतीककुंडल / छत्र
शुभ / अनुकूल
- •तांत्रिक कर्म और काला जादू आरंभ करना
- •पशुओं को प्रशिक्षित करना और पालतू बनाना
- •साधना और हठयोग
प्रतिकूल
- •विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
- •गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।