२७ नक्षत्र मंडल
०२

भरणी

भरणी भचक्र का २वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव यमराज (धर्म व न्याय के देवता) और स्वामी ग्रह शुक्र हैं।

अधिष्ठाता देवतायमराज (धर्म व न्याय के देवता)
स्वामी ग्रहशुक्र
प्रकृतिउग्र / क्रूर (तीव्र व प्रभावशाली)
तत्वपृथ्वी तत्त्व
प्रतीकयोनि (सृजन स्रोत)
शुभ / अनुकूल
  • •अग्नि से जुड़े कार्य
  • •विषैली औषधियों पर शोध
  • •शस्त्रों की खरीद-बिक्री और उपयोग, और बंदूक का लाइसेंस लेना
  • •शल्य क्रियाएँ
प्रतिकूल
  • •विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।
  • •गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।