महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य
आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य
महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य
यह व्यूह चतुर्थी है, जो पांचरात्र परंपरा में भगवान विष्णु के चार रूपों (व्यूह) की चतुर्थी है।
आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य
वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न और अनिरुद्ध विष्णु के चार प्राकट्य हैं, और महीने में प्रत्येक की एक चतुर्थी होती है। इन दिनों को वैष्णव मनाते हैं।
प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान
स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण
- १चरण १
उस दिन के विष्णु-रूप की पूजा।
- २चरण २
नाम और मंत्र का पाठ।
- ३चरण ३
कुछ लोग उपवास रखते हैं।
प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र
भगवान विष्णु • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह
१
भगवान विष्णु · मंत्र
ॐ नमो नारायणाय ॥
भावार्थ
भगवान विष्णु को नमन।
108 जपपवित्र मंत्र
