३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

Vasanta Panchami

Vasanta Panchami

वसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को, वसंत ऋतु के आरंभ में मनाया जाने वाला देवी सरस्वती का पर्व है।

मुख्य आराध्य देवदेवी माँ
श्रेणीप्रमुख पर्व

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

वसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी को, वसंत ऋतु के आरंभ में मनाया जाने वाला देवी सरस्वती का पर्व है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

सरस्वती ज्ञान, संगीत और कलाओं की देवी हैं। उनके सामने पुस्तकें, कलम और वाद्य रखे जाते हैं, और छोटे बच्चों को उनकी पहली शिक्षा दी जाती है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    पीले वस्त्रों और पीले फूलों से देवी सरस्वती की पूजा।

  2. २चरण २

    पुस्तकें और वाद्य यंत्र उनके चरणों में रखे जाते हैं।

  3. ३चरण ३

    विद्यारंभ, बच्चे का पहला लेखन, और पीली मिठाइयाँ।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

देवी माँ • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

देवी माँ · मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥

भावार्थ

देवी माँ को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र