३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

तुलम संक्रामम

तुलम संक्रामम

यह संक्रांति है, वह दिन जब सूर्य नई राशि में प्रवेश करता है।

मुख्य आराध्य देवभगवान सूर्य
श्रेणीसंक्रांति

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

यह संक्रांति है, वह दिन जब सूर्य नई राशि में प्रवेश करता है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

सूर्य हर महीने अगली राशि में जाता है, और यह दिन तमिल, मलयालम, बंगाली तथा अन्य सौर पंचांगों में सौर मास का आरंभ है। संक्रांति पवित्र स्नान, दान और सूर्य पूजा का दिन है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    स्नान और सूर्य को जल अर्पण।

  2. २चरण २

    अन्न, वस्त्र या तिल का दान।

  3. ३चरण ३

    मंदिर में प्रार्थना।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान सूर्य • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

भगवान सूर्य · मंत्र

ॐ सूर्याय नमः ॥

भावार्थ

भगवान सूर्य को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र