३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

त्रिशूर पूरम

त्रिशूर पूरम

त्रिशूर पूरम केरल के त्रिशूर का महान मंदिर उत्सव है, जो मेडम मास में पूरम नक्षत्र पर मनाया जाता है।

मुख्य आराध्य देवभगवान शिव
श्रेणीपर्व

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

त्रिशूर पूरम केरल के त्रिशूर का महान मंदिर उत्सव है, जो मेडम मास में पूरम नक्षत्र पर मनाया जाता है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

वडक्कुनाथन मंदिर के आसपास के मंदिर अपने सजे हुए हाथियों को शोभायात्रा में भेजते हैं, चेंडा मेलम के संगीत और कुडमाट्टम, यानी छातों की अदला-बदली के साथ।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    वडक्कुनाथन मंदिर पर हाथियों की शोभायात्रा।

  2. २चरण २

    चेंडा मेलम और कुडमाट्टम।

  3. ३चरण ३

    रात में आतिशबाजी।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान शिव • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

भगवान शिव · मंत्र

ॐ नमः शिवाय ॥

भावार्थ

भगवान शिव को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र