३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

शीतला सप्तमी

शीतला सप्तमी

यह शीतला माता का दिन है, जिनकी पूजा स्वास्थ्य और ज्वर तथा चेचक से रक्षा के लिए की जाती है।

मुख्य आराध्य देवदेवी माँ
श्रेणीपूजा और अनुष्ठान

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

यह शीतला माता का दिन है, जिनकी पूजा स्वास्थ्य और ज्वर तथा चेचक से रक्षा के लिए की जाती है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

यह चैत्र के कृष्ण पक्ष तथा अन्य अष्टमी और सप्तमी के दिनों में मनाया जाता है, और भोजन एक दिन पहले बनाकर ठंडा ही खाया जाता है (बसोड़ा)।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    शीतला माता की ठंडे जल, दही और चावल से पूजा।

  2. २चरण २

    बासी ठंडा भोजन चढ़ाया और खाया जाता है, और घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता।

  3. ३चरण ३

    बच्चों के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

देवी माँ • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

देवी माँ · मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥

भावार्थ

देवी माँ को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र