महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य
आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य
Radhashtami - Appearance of Shrimati Radharani वह दिन है जब जन्म या प्राकट्य को याद किया जाता है। भक्त फूल, दीप और प्रार्थना से पूजा करते हैं, स्तोत्र पढ़ते हैं और दिन की कथा सुनते हैं। यह दिन भगवान कृष्ण को समर्पित है।
जयंती भक्ति को नया करने और जिनका स्मरण किया जाता है उनकी शिक्षा को दैनिक जीवन में उतारने का दिन है।
प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान
स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण
- १चरण १
सुबह जल्दी स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- २चरण २
संकल्प लेकर फूल, धूप और दीप से पूजा करें।
- ३चरण ३
इस दिन की प्रार्थनाएँ और मंत्र पढ़ें।
- ४चरण ४
प्रसाद चढ़ाएँ और परिवार व पड़ोसियों में बाँटें।
प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र
भगवान कृष्ण • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह
भगवान कृष्ण · मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥
भगवान कृष्ण को नमन।
