३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

पुत्तांडु

पुत्तांडु

यह अप्रैल के मध्य का नववर्ष और फसल का पर्व है, जो भारत में अनेक नामों से मनाया जाता है।

श्रेणीप्रमुख पर्व

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

यह अप्रैल के मध्य का नववर्ष और फसल का पर्व है, जो भारत में अनेक नामों से मनाया जाता है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

यह पंजाब में वैसाखी है, जहाँ 1699 में खालसा की स्थापना हुई, असम में बोहाग बिहू, बंगाल में पोहेला बोइशाख, तमिलनाडु में पुथांडु और केरल में विषु। सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है और सौर पंचांग के अनुसार वर्ष आरंभ होता है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    मंदिर या गुरुद्वारे में पवित्र स्नान और प्रार्थना।

  2. २चरण २

    नए वस्त्र, विशेष व्यंजन और परिवार से मिलन।

  3. ३चरण ३

    मेले, नृत्य और संगीत: भांगड़ा, बिहू और कोलम।