महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य
आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य
महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य
ओणम केरल का फसल का पर्व है, जो चिंगम मास में तिरुवोणम नक्षत्र पर मनाया जाता है।
आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य
यह राजा महाबली की वापसी का स्मरण है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे हर वर्ष एक बार अपनी प्रजा से मिलने आते हैं। यह उत्सव दस दिन चलता है, जिसमें फूलों की रंगोली (पूकलम) और भोज (ओणसद्या) होता है।
प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान
स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण
- १चरण १
घर के सामने पूकलम, फूलों की रंगोली।
- २चरण २
केले के पत्ते पर अनेक व्यंजनों वाला ओणसद्या भोज।
- ३चरण ३
नौका दौड़ (वल्लम काली), पुलिकली और कैकोट्टिकली नृत्य।
प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र
भगवान विष्णु • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह
१
भगवान विष्णु · मंत्र
ॐ नमो नारायणाय ॥
भावार्थ
भगवान विष्णु को नमन।
108 जपपवित्र मंत्र
