३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

मत्स्य द्वादशी

मत्स्य द्वादशी

यह द्वादशी, बारहवीं तिथि है, जो भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है।

मुख्य आराध्य देवभगवान विष्णु
श्रेणीव्रत और उपवास

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

यह द्वादशी, बारहवीं तिथि है, जो भगवान विष्णु के लिए रखी जाती है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

द्वादशी एकादशी व्रत के बाद आती है। इसी दिन व्रत का पारण किया जाता है, और कई द्वादशियों का अपना व्रत भी है जिसमें भगवान विष्णु की पूजा होती है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    तुलसी और दीप से भगवान विष्णु की पूजा।

  2. २चरण २

    पारण के समय में एकादशी का व्रत खोलना।

  3. ३चरण ३

    दान और ब्राह्मणों को भोजन।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान विष्णु • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

भगवान विष्णु · मंत्र

ॐ नमो नारायणाय ॥

भावार्थ

भगवान विष्णु को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र