महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य
आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य
मासिक शिवरात्रि प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखकर निशिता काल में शिवलिंग का जलाभिषेक व बेलपत्र अर्पित करते हैं।
पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा।
प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान
स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण
- १चरण १
प्रातःकाल से उपवास धारण करना
- २चरण २
रात्रि के चारों प्रहर अथवा निशिता काल में शिवलिंग पूजन
- ३चरण ३
बेलपत्र, धतूरा, अक्षत व गंगाजल अर्पित करना
- ४चरण ४
"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का अनवरत जप
प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र
भगवान शिव (महादेव) • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ May all sentient beings be joyful. May all be free from illness and distress. May all behold what is auspicious and good. May none suffer. Om Peace, Peace, Peace!
