३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती

महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती

महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती एक जन्म दिवस है, जिसे पूजा, पाठ और दान के साथ मनाया जाता है।

मुख्य आराध्य देवदेवी माँ
श्रेणीजयंती

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती वह दिन है जब जन्म या प्राकट्य को याद किया जाता है। भक्त फूल, दीप और प्रार्थना से पूजा करते हैं, स्तोत्र पढ़ते हैं और दिन की कथा सुनते हैं। यह दिन देवी माँ को समर्पित है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

जयंती भक्ति को नया करने और जिनका स्मरण किया जाता है उनकी शिक्षा को दैनिक जीवन में उतारने का दिन है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    सुबह जल्दी स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

  2. २चरण २

    संकल्प लेकर फूल, धूप और दीप से पूजा करें।

  3. ३चरण ३

    इस दिन की प्रार्थनाएँ और मंत्र पढ़ें।

  4. ४चरण ४

    प्रसाद चढ़ाएँ और परिवार व पड़ोसियों में बाँटें।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

देवी माँ • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

देवी माँ · मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥

भावार्थ

देवी माँ को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र