३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

करडैयान नोम्बु

करडैयान नोम्बु

करडैयान नोम्बु एक व्रत है, जिसे उपवास, पूजा और उसकी कथा के पाठ के साथ रखा जाता है।

श्रेणीव्रत और उपवास

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

करडैयान नोम्बु दिन भर के उपवास और पूजा के साथ किया जाता है। व्रत कथा पढ़ी जाती है और शाम की पूजा के बाद उपवास खोला जाता है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

व्रत आत्मसंयम का संकल्प है। श्रद्धा से रखने पर शांति, सुरक्षा और मनोकामना पूर्ति मिलती है, ऐसा माना जाता है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    प्रातः स्नान के बाद संकल्प लें।

  2. २चरण २

    व्रत के नियम अनुसार उपवास रखें।

  3. ३चरण ३

    संकल्प लेकर फूल, धूप और दीप से पूजा करें।

  4. ४चरण ४

    इस दिन की कथा पढ़ें या सुनें।

  5. ५चरण ५

    पूजा के बाद व्रत खोलें और प्रसाद बाँटें।

व्रत नियम एवं पारण विधि

✓सूर्योदय से व्रत रखें; कठोर व्रत न हो तो जल, फल या दूध लिया जा सकता है।
✓कठोर व्रत में अन्न, प्याज़, लहसुन और नमक से बचें।
✓पूजा के बाद व्रत के निर्देशित समय पर उपवास खोलें।