३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

काली पूजा

काली पूजा

काली पूजा पूजा का दिन है, जिसमें परंपरा के विधि-विधान और समुदाय के अर्पण होते हैं।

मुख्य आराध्य देवदेवी माँ
श्रेणीपूजा और अनुष्ठान

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

काली पूजा पूजा के साथ मनाया जाता है। विधि स्थानीय परंपरा के अनुसार होती है, जिसमें दीप, फूल, प्रार्थना और सामूहिक भोजन होता है। यह दिन देवी माँ को समर्पित है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

इस दिन की पूजा भक्ति को नया करती है और परिवार व समुदाय को साथ लाती है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    सुबह जल्दी स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

  2. २चरण २

    संकल्प लेकर फूल, धूप और दीप से पूजा करें।

  3. ३चरण ३

    इस दिन की प्रार्थनाएँ और मंत्र पढ़ें।

  4. ४चरण ४

    प्रसाद चढ़ाएँ और परिवार व पड़ोसियों में बाँटें।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

देवी माँ • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

देवी माँ · मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥

भावार्थ

देवी माँ को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र