३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

जनै पूर्णिमा (रक्षा बंधन)

जनै पूर्णिमा (रक्षा बंधन)

रक्षा बंधन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है: बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है।

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महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

रक्षा बंधन श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है: बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

राखी प्रेम का धागा है और भाई बहन की रक्षा का वचन देता है। इसी पूर्णिमा पर महाराष्ट्र के तटीय लोग नारळी पूर्णिमा मनाते हैं और समुद्र को नारियल अर्पित करते हैं।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    बहन राखी बाँधती है, तिलक लगाती है और आरती करती है।

  2. २चरण २

    भाई उपहार देता है और रक्षा का वचन देता है।

  3. ३चरण ३

    मिठाई और पारिवारिक भोजन; नारळी पूर्णिमा पर समुद्र को नारियल अर्पण।