३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

गुड़ी पड़वा

गुड़ी पड़वा

यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का नववर्ष है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है।

मुख्य आराध्य देवभगवान ब्रह्मा
श्रेणीप्रमुख पर्व

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का नववर्ष है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, जिसमें गुड़ी की ध्वजा उठाई जाती है; आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में उगादि, जिसमें वर्ष के सुख-दुख के प्रतीक छह स्वादों वाली पचड़ी बनती है। यह चैत्र नवरात्रि का आरंभ भी है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    तेल स्नान और द्वार पर गुड़ी खड़ी करना।

  2. २चरण २

    नीम और गुड़, या उगादि पचड़ी, प्रसाद के रूप में खाई जाती है।

  3. ३चरण ३

    नए पंचांग का पाठ और पारिवारिक भोजन।