३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

गोपाष्टमी

गोपाष्टमी

गोपाष्टमी गाय की पूजा का दिन है, जो कार्तिक शुक्ल अष्टमी को मनाया जाता है।

मुख्य आराध्य देवभगवान कृष्ण
श्रेणीपूजा और अनुष्ठान

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

गोपाष्टमी गाय की पूजा का दिन है, जो कार्तिक शुक्ल अष्टमी को मनाया जाता है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

यह वह दिन है जब कृष्ण गोप (ग्वाले) बने और गायों को चराने ले जाने लगे। गाय और बछड़े को नहलाया, सजाया और खिलाया जाता है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    गायों और बछड़ों को नहलाना और सजाना।

  2. २चरण २

    गाय को घास और गुड़ खिलाना और उसकी परिक्रमा करना।

  3. ३चरण ३

    ग्वाले के रूप में कृष्ण की पूजा।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान कृष्ण • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

भगवान कृष्ण · मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥

भावार्थ

भगवान कृष्ण को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र