४ सितंबर २०२७•शनिवार
महापर्व•भगवान श्री गणेश

गणेश चतुर्थी / गणेशोत्सव

विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश का पावन जन्मोत्सव एवं १० दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ।

गणेश चतुर्थी / गणेशोत्सव

शुभ मुहूर्त एवं पूजा समय

India•४ सितंबर २०२७

श्री गणेश पूजा एवं स्थापना मुहूर्त३० मिनट
१०:५८ पूर्वाह्न से ०१:२८ अपराह्न

भगवान श्री गणेश जी का प्राकट्य मध्याह्न काल में हुआ था, अतः इसी समय स्थापना व पूजन प्रशस्त है।

प्रमुख पूजा एवं व्रत समय

मध्याह्न काल अवधिशुभ
१०:५८ पूर्वाह्न से ०१:२८ अपराह्न

Classical midday partition (11:00 AM to 01:30 PM approx)

चन्द्र दर्शन वर्ज्यashubh
०९:२४ पूर्वाह्न से ०६:२८ अपराह्न

Mithya Dosha avoidance on Bhadrapada Shukla Chaturthi

तिथि समाप्ति
चतुर्थी १२:२६ अपराह्न तक
मध्याह्न काल दिन के ५ शास्त्रीय प्रभागों में से तीसरे भाग का प्रतिनिधित्व करता है।
भगवान गणेश और श्री राम अपने-अपने अवतार समय के अनुरूप मध्याह्न में पूजे जाते हैं।
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महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। घर-घर एवं सार्वजनिक पंडालों में गणपति बप्पा की प्रतिमा की स्थापना की जाती है, २१ मोदक व दूर्वा अर्पित की जाती है और १० दिनों तक भक्तिभाव से पूजन होता है।

समस्त विघ्नों का नाश, बुद्धि, ज्ञान, ऋद्धि-सिद्धि एवं शुभता की प्राप्ति।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

१

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणपति बप्पा की प्राण-प्रतिष्ठा

२

२१ मोदक, दूर्वा एवं लाल अड़हुल (गुड़हल) का पुष्प अर्पण

३

प्रातः व सायं आरती एवं अथर्वशीर्ष का पाठ

४

अनंत चतुर्दशी के दिन गाजे-बाजे के साथ विसर्जन

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प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान श्री गणेश • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ May all sentient beings be joyful. May all be free from illness and distress. May all behold what is auspicious and good. May none suffer. Om Peace, Peace, Peace!