इस दिन के बारे में
यह क्यों मनाया जाता है और इसकी शुरुआत
गांधी जयंती प्रतिवर्ष २ अक्टूबर को राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (१८६९–१९४८) की पावन स्मृति में मनाई जाती है। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर उन्होंने भारत को ब्रिटिश पराधीनता से मुक्त कराया और सत्याग्रह के माध्यम से जन-आंदोलन को जन्म दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने २००७ में २ अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया।
सत्य, अहिंसा, सर्वोदय, सद्भाव और नैतिक साहस के अमर सिद्धांतों का पावन स्मरण। यह दिन विश्व शांति, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति समर्पण का आह्वान करता है।
यह दिन कैसे मनाया जाता है
- १चरण १
नई दिल्ली स्थित राजघाट पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व राष्ट्रनायकों द्वारा पुष्पांजलि व सर्वधर्म प्रार्थना।
- २चरण २
गांधीजी के प्रिय भजनों "वैष्णव जन तो" और "रघुपति राघव राजा राम" का सामूहिक गान।
- ३चरण ३
स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत देश भर में स्वच्छता व श्रमदान कार्यक्रम।
- ४चरण ४
खादी, ग्रामोद्योग और स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन हेतु प्रदर्शनियां।
- ५चरण ५
विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शांति, अहिंसा व नैतिक मूल्यों पर संगोष्ठियां व निबंध प्रतियोगिताएं।
