३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

Dipa Dana Dipavali Kali Puja

Dipa Dana Dipavali Kali Puja

दिवाली, प्रकाश का पर्व, कार्तिक की अमावस्या पर लक्ष्मी और गणेश की पूजा के साथ मनाई जाती है।

मुख्य आराध्य देवदेवी माँ
श्रेणीप्रमुख पर्व

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

दिवाली, प्रकाश का पर्व, कार्तिक की अमावस्या पर लक्ष्मी और गणेश की पूजा के साथ मनाई जाती है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

यह अंधकार पर प्रकाश की विजय का उत्सव है। उत्तर में यह भगवान राम की अयोध्या वापसी की याद दिलाता है; दक्षिण में कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध का पर्व है; सिखों के लिए बंदी छोड़ दिवस है; और जैनों के लिए महावीर के निर्वाण का दिन है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    घर की सफाई और सजावट, द्वार पर रंगोली और दीपक।

  2. २चरण २

    शाम को प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश पूजा।

  3. ३चरण ३

    परिवार और मित्रों के साथ आतिशबाज़ी, मिठाइयाँ और उपहार।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

देवी माँ • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

देवी माँ · मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥

भावार्थ

देवी माँ को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र