महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य
आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य
महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य
दत्तात्रेय जयंती वह दिन है जब जन्म या प्राकट्य को याद किया जाता है। भक्त फूल, दीप और प्रार्थना से पूजा करते हैं, स्तोत्र पढ़ते हैं और दिन की कथा सुनते हैं। यह दिन गुरु को समर्पित है।
आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य
जयंती भक्ति को नया करने और जिनका स्मरण किया जाता है उनकी शिक्षा को दैनिक जीवन में उतारने का दिन है।
प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान
स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण
- १चरण १
सुबह जल्दी स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- २चरण २
संकल्प लेकर फूल, धूप और दीप से पूजा करें।
- ३चरण ३
इस दिन की प्रार्थनाएँ और मंत्र पढ़ें।
- ४चरण ४
प्रसाद चढ़ाएँ और परिवार व पड़ोसियों में बाँटें।
