३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

दैव सावर्णि मन्वादि

दैव सावर्णि मन्वादि

मन्वादि वह दिन है जिस पर किसी मन्वंतर, यानी मनु के दीर्घ युग का आरंभ माना जाता है।

मुख्य आराध्य देवभगवान विष्णु
श्रेणीश्राद्ध और पितर

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

मन्वादि वह दिन है जिस पर किसी मन्वंतर, यानी मनु के दीर्घ युग का आरंभ माना जाता है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

वर्ष में चौदह मन्वादि तिथियाँ होती हैं। इन दिनों में दान, तर्पण और श्राद्ध स्थायी पुण्य देते हैं, ऐसा माना जाता है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    पवित्र स्नान और पितरों का तर्पण।

  2. २चरण २

    अन्न, वस्त्र या धन का दान।

  3. ३चरण ३

    भगवान विष्णु की प्रार्थना।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान विष्णु • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

भगवान विष्णु · मंत्र

ॐ नमो नारायणाय ॥

भावार्थ

भगवान विष्णु को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र