३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

दही हांडी

दही हांडी

दही हांडी कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन का उत्सव है, जब युवाओं की टोलियाँ मानव पिरामिड बनाकर दही की मटकी फोड़ती हैं।

मुख्य आराध्य देवभगवान कृष्ण
श्रेणीप्रमुख पर्व

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

दही हांडी कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन का उत्सव है, जब युवाओं की टोलियाँ मानव पिरामिड बनाकर दही की मटकी फोड़ती हैं।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

यह बाल कृष्ण और उनके मित्रों द्वारा ऊँचाई पर लटके माखन और दही को चुराने की याद दिलाता है। यह विशेषकर महाराष्ट्र और गुजरात में मनाया जाता है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    टोलियाँ (गोविंदा) मटकी तक पहुँचने और उसे फोड़ने के लिए मानव पिरामिड बनाती हैं।

  2. २चरण २

    टोलियों के लिए गीत, संगीत और पुरस्कार।

  3. ३चरण ३

    कृष्ण भजन और मिठाइयाँ।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान कृष्ण • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

भगवान कृष्ण · मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥

भावार्थ

भगवान कृष्ण को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र