३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

विजया दशमी

विजया दशमी

दशहरा, या विजयादशमी, आश्विन शुक्ल दशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।

मुख्य आराध्य देवभगवान राम और हनुमान
श्रेणीप्रमुख पर्व

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

दशहरा, या विजयादशमी, आश्विन शुक्ल दशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

यह वह दिन है जब भगवान राम ने रावण को हराया और देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध किया। यह नवरात्रि के नौ दिनों का समापन है।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन।

  2. २चरण २

    शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा (आयुध पूजा)।

  3. ३चरण ३

    बंगाल में दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन (बिजोया), मित्रों से शुभकामनाएँ और मिठाइयों का आदान-प्रदान।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

भगवान राम और हनुमान • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

भगवान राम और हनुमान · मंत्र

श्री राम जय राम जय जय राम ॥

भावार्थ

भगवान राम और हनुमान को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र