३ नवंबर•कृष्ण पक्ष नवमी

अकाल बोधन

अकाल बोधन

यह दुर्गा पूजा या नवरात्रि का एक दिन है, जब देवी दुर्गा की पूजा होती है।

मुख्य आराध्य देवदेवी माँ
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महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

महत्व एवं आध्यात्मिक रहस्य

यह दुर्गा पूजा या नवरात्रि का एक दिन है, जब देवी दुर्गा की पूजा होती है।

आध्यात्मिक महत्व, दार्शनिक भाव एवं सनातन मूल्य

देवी की नौ रातें विशेषकर बंगाल में दुर्गा पूजा के रूप में मनाई जाती हैं, षष्ठी के निमंत्रण (बिल्व निमंत्रण और अकाल बोधन, देवी का असमय जागरण) से दशमी के विसर्जन तक।

प्रमुख विधि एवं अनुष्ठान

स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि एवं आचरण

  1. १चरण १

    पंडालों और घरों में देवी की पूजा।

  2. २चरण २

    प्रमुख दिनों में अंजलि, संधि पूजा और कन्या पूजा।

  3. ३चरण ३

    आरती, धुनुची नृत्य और सामूहिक भोग।

प्रधान देवता एवं पवित्र मंत्र

देवी माँ • कल्याणकारी वैदिक एवं पौराणिक मंत्र संग्रह

१

देवी माँ · मंत्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः ॥

भावार्थ

देवी माँ को नमन।

108 जपपवित्र मंत्र